मध्यप्रदेश कांग्रेस के सात वरिष्ठ नेताओं ने बुधवार को राजधानी भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सभी नेताओं ने लोकसभा चुनाव के लिए जारी पार्टी के मेनिफेस्टो पर बात की। इसके साथ ही केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर आरोप लगाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्यसभा सांसद और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने संवैधानिक संस्थाओं सिविल सोसाइटी की गारंटियों पर कहा कि मैं संवैधानिक न्याय पर बात करने आया हूं। संसद में जिस प्रकार से कानून बनते हैं वो संवैधानिक नहीं हैं। मैने उप राष्ट्रपति को पत्र लिखा है। मैंने कहा है- आपने व्यवस्था बना दी। विपक्ष न बोल सकता है न विरोध कर सकता है। मैंने इंग्लैंड के पार्लियामेंट का उदाहरण दिया। वहां सदन 100 दिन चलता है। आप विपक्षी सांसदों को निलंबित कर देते हैं। मुझे खुशी है पत्र में जो बातें मैने लिखी उसे हमारी पार्टी ने मेनिफेस्टो में शामिल किया हैं। अगर हमारी सरकार आती है तो दोनों सदन साल में 100 दिनों के लिए चलेंगे। उन्होंने कहा कि मीडिया की स्वतंत्रता के लिए कांग्रेस कानून बनाएगी। 3 करोड़ मामले पेंडिंग हैं। क्या गरीबों को न्याय मिल पाता होगा? बीजेपी इसमे खुश है की लोगों को न्याय न मिल पाए। लॉ मिनिस्टर ने एक बार सांसद में कहा कि जमानत के केस सुप्रीम कोर्ट जाने लगे हैं। मेरे कहना है जब केजरीवाल संजय सिंह को जमानत नहीं मिलेगी तो सुप्रीम कोर्ट जाना ही पड़ेगा। उन्होंने कहा कि एआई की तकनीक न्यायपालिका में लानी चाहिए। तन्खा ने कहा इनकम टैक्स ने कांग्रेस से क्या किया? कांग्रेस का पूरा पैसा हड़प लो चुनाव न लड़ने दो। अगर पूरी व्यवस्था डरी रहेगी तो इसे मैं प्रजातंत्र नहीं मानता। तन्खा ने कहा कश्मीर के लोगों की बात करते हो तो वहां चुनाव तो कराओ।