छिंदवाड़ा जिले की राजनीति में गुरुवार को हड़कंप मच गया है। कमल नाथ के करीबी विश्वासपात्र और 2019 में उनके लिए अपनी सीट खाली करने वाले दीपक सक्सेना ने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी। दीपक सक्सेना ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इसके पहले दीपक सक्सेना के पुत्र अजय सक्सेना चुनमुन कांग्रेस के दो दर्जन से अधिक नेताओं के साथ भोपाल रवाना हो चुके हैं। जहां वे मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में भाजपा ज्वाइन करने जा रहे हैं छिंदवाड़ा विधानसभा से कांग्रेस के विधायक रहे मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री दीपक सक्सेना ने आज मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को अपना इस्तीफा भेज दिया है। दीपक सक्सेना 1974 से कांग्रेस के सदस्य रहे हैं। सन 1990 से सात बार विधानसभा चुनाव लड़ें और कोऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष रहने के साथ मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। उन्होंने व्यक्तिगत परेशानियों का जिक्र करते हुए कांग्रेस पार्टी की जवाबदारी से इस्तीफा देने की बात कही है। दीपक सक्सेना को कमलनाथ सरकार के दौरान विधानसभा में प्रोटेम स्पीकर बनाया गया था और हाल ही में जब यह अटकलें लगाई गईं कि कमलनाथ के भाजपा में शामिल होने की संभावना है तो सक्सेना सबसे पहले उनके पक्ष में बयान जारी करने वालों में से एक थे। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी मध्य प्रदेश की 29 सीटें जीतने का दावा कर रही है। छिंदवाड़ा लोकसभा सीट भाजपा की सबसे आकांक्षी सीट है। यहां पर कांग्रेस ने कमलनाथ के पुत्र नकुलनाथ को सांसद प्रत्याशी घोषित किया है। लेकिन चुनाव की ठीक पहले ऑपरेशन लोटस के तहत लगातार कांग्रेस नेता भाजपा का दामन थाम रहे हैं। जिससे छिंदवाड़ा जिले की राजनीति में बड़ा भूचाल दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में और भी कई बड़े नेताओं के भाजपा में शामिल होने की अटकले है। #chhindwaralive #chhindwaranews #congressnews #mpnews #deepaksaxena #kamalnath