चुनाव आयोग ने गुरुवार 14 मार्च को इलेक्टोरल बॉन्ड का सारा डेटा अपनी वेबसाइट पर जारी कर दिया। आयोग ने वेबसाइट में 763 पेजों की दो लिस्ट अपलोड की गई हैं। एक लिस्ट में बॉन्ड खरीदने वालों की जानकारी है। दूसरी में राजनीतिक दलों को मिले बॉन्ड की डिटेल है। इसमें 2018 से अभी तक भाजपा को सबसे ज्यादा इलेक्टोरल बांड से दान मिला है। भाजपा को 6 हजार करोड़ से अधिक का दान मिला है। सुप्रीम कोर्ट ने आयोग को 15 मार्च तक यह डेटा सार्वजनिक करने का आदेश दिया था। इससे पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के चेयरमैन दिनेश कुमार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट फाइल की। इसमें बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के 11 मार्च के निर्देश के मुताबिक इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ी उपलब्ध जानकारी चुनाव आयोग को दे दी गई है। SBI चेयरमैन ने कहा- हमने ECI को पेन ड्राइव में दो फाइलें दी हैं। एक फाइल में बॉन्ड खरीदने वालों की डिटेल्स हैं। इसमें बॉन्ड खरीदने की तारीख और रकम का जिक्र है। दूसरी फाइल में बॉन्ड इनकैश करने वाले राजनीतिक दलों की जानकारी है। लिफाफे में 2 PDF फाइल भी हैं। ये PDF फाइल पेन ड्राइव में भी रखी गई हैं इन्हें खोलने के लिए जो पासवर्ड है वो भी लिफाफे में दिया गया है। इलेक्शन कमीशन की ओऱ से साझा किए गए आंकड़ों से पता चला है कि चुनावी बांड के माध्यम से चुनावी चंदा हासिल करने वालों में भाजपा कांग्रेस अन्नाद्रमुक बीआरएस शिवसेना टीडीपी वाईएसआर कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दल शामिल हैं. चुनावी बांड के माध्यम से राजनीतिक दलों को दान देने वालों की लिस्ट में ग्रासिम इंडस्ट्रीज मेघा इंजीनियरिंग पीरामल एंटरप्राइजेज टोरेंट पावर भारती एयरटेल डीएलएफ कमर्शियल डेवलपर्स वेदांता लिमिटेड अपोलो टायर्स लक्ष्मी मित्तल एडलवाइस पीवीआर केवेंटर सुला वाइन वेलस्पन सन फार्मा और अन्य शामिल हैं.