सीहोर। ये हैं शहर के विश्रामघाट के समीपस्थ देव नगर कालोनी निवासी राजू सोनी। जो शासकीय सर्विस करते है। उम्र 50 साल पर एकदम स्वस्थ। जब ये 20 साल के थे तो उनकी आर्थिक स्थित बहुत खराब थी अचानक पिता का निधन हो गया कोई कंधा देने वाला नहीं था उस दौरान अपने मित्र मुकेश खत्री और मनोज दीक्षित मामा के साथ ठेले में शव लेकर शहर के विश्रामघाट पर पहुंचे और यथा स्थिति अपने पिता का अंतिम संस्कार किया लेकिन उस दौरान उन्होंने संकल्प लिया की इस दर्द में सभी का साथ देंगे। वह पिछले 35 सालों से दुख में बिना बुलाए शामिल होते है और अब तक 3240 शवों को कंधा देकर विधि-विधान से दाह संस्कार करा चुके है। इसके अलावा दस से अधिक लावारिस लाशों का स्वयं की राशि से अंतिम संस्कार किया। उन्होंने बताया कि करीब साढ़े सात हजार रुपए अंतिम संस्कार में खर्च आता है। जब कभी किसी को राशि का अभाव होता है तो वह अपनी ओर से जिम्मेदारी लेते है। सार्वजनिक रूप से किया गया सम्मान आंखे हो गई नम दर्द में सारे कार्य छोड़कर गमगीन परिवार को साथ देने वाले राजू सोनी का शहर के नमक चौराहे पर जिला संस्कार मंच के जिला संयोजक सुमीत भानू उपाध्याय अग्रवाल समाज की ओर से राजा सेठ छावनी उत्सव समिति की ओर से आनंद गांधी कमल अग्रवाल नव ज्योति संगठन की ओर से अखिलेश माहेश्वरी मोहन अग्रवाल इंजीनियर दिनेश प्रजापति आदि ने सम्मान और स्वागत किया।