सागर जिले के देवरी नगर में खंडेराव मंदिर में अग्निकांड मेला शुरू हो गया है जो पूर्णिमा तक चलेगा। मेला के पहले दिन अग्निकुंडों में दहकते अंगारों पर चलकर श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा और आस्था की अनूठी मिसाल कायम की। अग्नि मेले के पहले दिन मनोकामनाएं पूर्ण होने पर 135 श्रद्धालु अग्नि कुंडों में हल्दी डालते हुए दो तीन बार पैदल निकले। श्रद्धालुओं की आस्था के आगे यह आग के अंगारे भी फूल बन गए। वर्षों पुराने देवश्री खंडेराव मंदिर के समक्ष अग्निकांड मेला सोमवार से शुरू हुआ। पंडित नारायण राव वैध ने बताया कि मेले में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। यह परंपरा करीब 400 साल पुरानी है जो लगातार चली आ रही है। उन्होंने बताया कि यहां के राजा छत्रसाल के राजकुमार की तबियत खराब हो गई। तब स्वप्न में देव खंडेराव ने दर्शन दिए और अग्निकुंड से नंगे पैर निकलने के लिए कहा। छत्रसाल ने मान्यता मांगी और मनोकामना पूर्ण होने पर यह प्रक्रिया की। पहले दिन पूर्व विधायक सुनील जैन अंगारों पर से निकले वह लगातार 33 सालों से देव खंडेराव अग्नि मिले में शामिल होते हैं