बालाघाट. लांजी क्षेत्र के पूर्व विधायक किशोर समरिते द्वारा १७ नवम्बर को प्रदेश में हो रहे विधानसभा चुनाव में लांजी विधानसभा से अपना नामांकन दाखिल किया गया था। उनके नामांकन पर लांजी जनपद उपाध्यक्ष व कांग्रेसी नेता अजय अवसरे ने आपत्ति दर्ज कराई थी। जिसमें नामांकन फार्मो की जांच दौरान किशोर समरिते का नामांकन निरस्त कर दिया गया। आपत्तिकर्ता अजय अवसरे ने यह तर्क दिया था कि चुनाव नियमावली अंतर्गत किसी भी अभ्यर्थी को किसी भी न्यायालय द्वारा सजा दी गई हो और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भले ही सजा पर स्टे दे दिया गया हो। लेकिन सजा पूर्ण नहीं करने या मामला खारिज न होने तक कोई भी अभ्यर्थी चुनाव नहीं लड़ सकता है। पूर्व विधायक समरिते की सुप्रीम कोर्ट में सजा लंबित है। किशोर समरिते को एसडीएम न्यायालय द्वारा किसी मामले में ६ वर्ष की सजा सुनाई गई थी। लेकिन उनके द्वारा सजा पूर्ण न कर सर्वोच्च न्यायालय से स्टे ला लिया गया है। नियमावली अनुसार सजा काटने या मामला खारिज होने के ६ साल बाद चुनाव लड़ सकते है।