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क्षेत्रीय
06-Jun-2021

प्रदेश सहित जिले में कोरोना की दूसरी लहर ने अप्रैल व मई माह में कई लोगों को इस महामारी में अपनों को खो दिया और बड़ी सं या में लोग कोरोना संक्रमित हुए। जिससे सरकार द्वारा कोरोना की बढ़ती चैन को रोकने ९ अप्रैल से पूरे प्रदेश में लॉकडाउन लगा दिया जो ३१ मई तक लागू रहा। जिससे सरकार को कोरोना की गति को कम करने में कामयाबी भी मिली और कोरोना संक्रमण कम होने पर १ जून से अनलॉक कर दिया गया। लेकिन सरकार द्वारा कोरोना से बचाव के लिये व कोरोना संक्रमण को बढऩे से रोकने के लिये हर जिलों में रविवार को टोटल लॉकडाउन लगाया गया है। ७ जून २०१७ में ग्राम खैरी में अवैध रूप से संचालित एक पटाखा कारखाने मे हुृए विस्फोट में २७ लोगो की जान चली गई थी। कुछ गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस दर्दनाक हादसे के बाद राजनीति रूप से काफी उछला था। तात्कालीन मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने दो अनाथ बच्चो को गोद भी लिया था। इस कांड की संभागीय आयुक्त द्वारा जांच की गई थी जिसमें कुृछ अधिकारी भी दोषी पाए गए थे। दूसरी ओर पीडि़त परिवारो को आर्थिक सहायता भी मुहैया कराई गई थी नगर से सटे ग्राम गोंगलई में रविवार की दोपहर करीब २.३० बजे अचानक तीन घरों की सराय में आग लगने से सराय में रखा पैरा की बेट व कण्डा और लकड़ी सहित अन्य सामान जलकर खाक हो गया। आगजनी की सूचना मिलते ही नगरपालिका से दो फायर बिग्रेड वाहन ने पहुंच आग पर काबू पाया। इस आगजनी की घटना से करीब २ से ढाई लाख रूपये की नुकसानी होना बताया गया है। ला मुख्यालय से १६ किमी दूर पर स्थित ग्राम समनापुर में रविवार को दो पड़ोसियो के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। बाद मे विवाद बढऩे के चलते पूर्व फौजी ने अपनी लायसेंसी गन निकालकर कई फायर कर किए। हालांकि इस घटना मे किसी की हातायत होने की कोई खबर नही है। लेकिन गोली चलने से क्षेत्र मे सनसनी फैल गई। पुलिस ने मामला कायम कर जंाच प्रांरभ कर दी है 'रहिमन पानी राखिये, बिन पानी सब सून।पानी गए न ऊबरे मोती,मानुष,चूंन।। कबीर हो या रहीम इन सबकी रचनाओं में सामाजिक चिंता के साथ दूरदृष्टि भी थी।उनको मालुम था कि पानी का महत्व कितना है और आने वाले समय मे पानी के लिए हाहाकार मचेगा।इसी लिये आज पानी को सहेजने संभालने के लिये हर व्यक्ति को आगे आना चाहिए। बालाघाट जिले के बिरसा तहसील में विगत कई वर्षों से जंगलों के बीचोबीच रहकर जीवन यापन करने वाले बैगा आदिवासियो को हर साल गर्मी के दिनों में पानी की समस्या से जूझना पड़ता है। किरनापुर- २०८ कोबरा बटालियन द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस पर अधिकारियों व जवानों ने वायु प्रदूषण को लेकर ३००० पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया जिसमें ५०० पौधे छायादार कैंपस के आसपास वन विभाग के रेंजर एस पांडे व द्वितीय कमान अधिकारी नरेश पवार की उपस्थिति में लगाए गए! लॉकडाउन के दौरान आदिवासी अंचलो में बसने वाले बैगा परिवारो के हालात पर पर्दा डालना सायद आसान नही है। वन बाहुल्य क्षेत्रो में बैगा परिवारो की दुर्दशा देखकर हर किसी का दिल पसीज जाता है। काम धंधे व रोजगार बंद पडे होने से आदिवासी की हालत पहले से बत्तर होती जा रही है और वे भुखमरी की समस्या से गुजर रहे है। इस विषय की जानकारी लगने पर आज फाउन्डेशन की टीम उस गांव में जा पहुंची, जहां आदिवासीयों के समक्ष भारी मुसबीत आन पडी है। रोजगार ना मिलने के कारण आर्थिक संकट बढ गया है और परिवार में खाने को राशन नही है।