मध्य प्रदेश के 10 संभागीय मुख्यालयों और दतिया के नागरिकों को अब गंभीर अपराधों को छोड़कर अन्य मामलों में एफआईआर कराने के लिए थाने नहीं जाना होगा। बल्कि, अपराध की सूचना सिर्फ डायल 100 पर देनी होगी। इसके बाद एफआरवी यानि फर्स्ट रिस्पांस व्हीकल लोगों के घर जाकर एफआईआर दर्ज करेगी। प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सोमवार को 'एफआईआर आपके द्वार' प्रोजेक्ट की शुरुआत की। पुलिस मुख्यालय में डीजीपी विवेक जौहरी समेत पुलिस के अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में एफआरवी वाहन को रवाना किया गया है। फिलहाल, इस पायलट प्रोजेक्ट को 3 महीने के लिए शुरू किया गया है। सभी संभागीय मुख्यालयों पर एक थाना शहरी क्षेत्र और एक ग्रामीण थाना क्षेत्र में योजना को लागू किया जाएगा। प्रदेश में 10 संभागीय मुख्यालय में भोपाल, चम्बल, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, नर्मदापुरम, रीवा, सागर, शहडोल, उज्जैन संभाग के अलावा दतिया गैर संभागीय मुख्यालय शामिल है।