मध्य प्रदेश की विधानसभा के फ्लोर पर सत्ता का टेस्ट फिलहाल टल गया है, लेकिन सत्ता के गलियारों में सरगर्मी है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ भाजपा के 106 विधायक नाराजगी जताने राजभवन पहुंचे और राज्यपाल लालजी टंडन के सामने परेड की। शिवराज ने राज्यपाल को 106 विधायकों के साथ का पत्र भी सौंपा। इस दौरान राज्यपाल ने विधायकों से पूछा कही आप दबाव में तो नही वही विधायकों ने साफ कर दिया कि वे किसी भी दबाव में नही।वे बीजेपी के साथ है और आगे भी रहेंगे।इस पर राज्यपाल ने कहा कि जब मैंने निर्देश दिए थे तो उनका पालन होना था, उन्होंने विधायकों से कहा कि आप निश्चिंत रहिए जो उचित कार्रवाई होगी मैं करुंगा। विधायकों के अधिकारों का हनन नहीं होगा । अपने आदेश का पालन करवाना मुझे आता है। वहीं राज्यपाल से मिलने के बाद मीडिया से बात करते हुए शिवराज ने सीएम कमलनाथ रणछोड़दास कह दिया उन्होने कहा कि सदन स्थगित कर कमलनाथ सरकार टाइम काटू काम कर रही है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री फ्लोर टेस्ट से इसलिये बच रहे हैं क्योंकि वो जानते हैं कि उनकी सरकार अल्पमत में है। उनकी सरकार को कोरोनावायरस भी नहीं बचा सकता। भाजपा विधायक नरोत्तम मिश्रा ने भी कमलनाथ सरकार डर के कारण फ्लोर टेस्ट टाल रही है औऱ हम इस कोशिश को सफल नही होने देंगे। वहीं फ्लोर टेस्ट में देरी के विरोध में भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी है। सुनवाई के दौरान भाजपा सुप्रीम कोर्ट से यह मांग करेगी कि स्पीकर को जल्द फ्लोर टेस्ट कराने के निर्देश दिए जाएं।