1 मध्य प्रदेश में फ्लोर टेस्ट को लेकर असमंजस के बीच राज्यपाल के अभिभाषण के बाद 26 मार्च तक विधानसभा स्थगित कर दी गई है.भाषण खत्म करने के बाद राज्यपाल खड़े हुए तो कुछ विधायकों ने नारेबाजी की। कुछ देर दोनों तरफ से हंगामे के बाद नेता विपक्ष गोपाल भार्गव ने प्रस्ताव पढ़ना शुरू किया। हंगामे के चलते विधानसभा की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित की गई। 2 मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि सारे विधायक स्वतंत्र होना चाहिए. उन्होंने कहा मैंने इस बारे में राज्यपाल और केंद्रीय गृह मंत्री को लिखा है, हम भाजपा के मंसूबे पूरे नहीं होने देंगे. 3 मध्यप्रदेश विधानसभा की कार्यसूची में फ्लोर टेस्ट नहीं होने से नाराज गवर्नर ने देर रात मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात की. मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन को शांतिपूर्वक ढंग से चलाने के लिए बात हुई है, सदन में वोटिंग किस तरह से होगी यह सब स्पीकर तय करेंगे. 4 मुख्यमंत्री के बयान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रात सवा बजे प्रेस वार्ता में कहा कि अगर सरकार फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार है तो करवा क्यों नहीं रही. उन्होंने कहा कि सदन में क्या होगा इसका फैसला अध्यक्ष नहीं सरकार करती है. नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने भी कहा कि कांग्रेस सरकार अल्पमत में है इसलिए सरकार को काम करने का अधिकार नहीं है. 5 इस बीच इस्तीफा देने वाले कांग्रेस के 16 विधायकों ने रविवार को एक बार फिर विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा बेंगलुरु से भेज दिया और प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित होने में असहमति जताई. वहीं भाजपा ने फ्लोर टेस्ट में देरी होने पर तुरंत कोर्ट जाने की तैयारी कर ली है. 6 गृहमंत्री बाला बच्चन ने कहा है कि भाजपा कह रही है कि बेंगलुरु में बंधक बनाए गए कांग्रेसी विधायक सीआरपीएफ की सुरक्षा मिलने पर ही भोपाल आएंगे तो सरकार को कोई एतराज नहीं है. बाला बच्चन ने कहा कि विधायक चाहें तो सीआरपीएफ की सुरक्षा ले सकते हैं. 7 बाहर गए विधायकों का लौटने का सिलसिला जारी है, कांग्रेस के विधायकों के लौटने के बाद देर रात 2रू15 बजे भाजपा के विधायक भी गुरूग्राम से वापस आ गए. किंतु बेंगलुरु में सिंधिया समर्थक विधायकों की वापसी नहीं हो पाई थी. उनके लिए तीन चार्टर्ड प्लेन तैयार हैं, वह कभी भी उड़ान भर सकते हैं. 8 कैबिनेट मंत्री तरुण भनोत ने कहा है कि विपक्ष भले ही कोरोना को लेकर कुछ भी कहे लेकिन सारी दुनिया ने जब इस बीमारी को महामारी घोषित कर दिया है तो इस पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए. अनेक मंत्रियों ने इसका समर्थन करते हुए जयपुर, बेंगलुरु और हरियाणा के गुरुग्राम से आए विधायकों की स्क्रीनिंग की मांग की. 9 मुख्य सचेतक व भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि कोरोना के डर में कमलनाथ सरकार अपनी सांसे ढूंढ रही है. उन्होंने कहा कि लोकसभा चल रही है लेकिन विधानसभा से पहले ही कोरोना का डर दिखाया जा रहा है, मध्यप्रदेश में कोरोना नहीं डरोना है. 10 नियमितीकरण की मांग को लेकर 97 दिन से आंदोलन कर रहे अतिथि विद्वानों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात में उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने आश्वासन दिया है कि सरकार अतिथि विद्वानों के हित में कार्यवाही करेगी.