लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तरुण भनोट ने प्रदेश में कोरोना वायरस की रोकथाम की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि सूचना संचार गतिविधियों के माध्यम से समाज में हर स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाये। आवश्यकतानुसार निजी चिकित्सालयों की भी सेवाएँ ली जायें। उन्होंने कहा कि मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के अतिरिक्त अन्य विभागों के मैदानी अमले को भी प्रशिक्षित किया जाये। प्रदेश में अभी तक नोवल कोरोना वायरस से संबंधित कोई भी पॉजिटिव प्रकरण नहीं पाया गया है। कुछ संचार माध्यमों में भोपाल में कोरोना वायरस का पहला मरीज मिलने की खबर पूर्णत: असत्य है। एम्स भोपाल के डायरेक्टर ने जानकारी दी है कि उनके संस्थान में श्री ओमकार सिंह नाम का कोई भी मरीज न तो भर्ती हुआ है और न ही कोरोना वायरस संक्रमित सेम्पल पॉजिटिव पाये गये हैं। यही स्थिति सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में है। नोवल कोरोना वायरस की रोकथाम के लिये जिला एवं विकासखंड स्तर पर शांति समितियों की बैठक करने के निर्देश दिये गये हैं। संचालक राज्य स्वास्थ्य सूचना शिक्षा संचार ब्यूरो श्रीमती सपना लोवंशी ने बताया कि शांति समिति की बैठकों में क्षेत्र के सभी प्रभावी व्यक्तियों एवं धर्मगुरूओं को आमंत्रित कर कोरोना वायरस के लक्षण, बचाव एवं क्या करें तथा क्या न करें आदि की विस्तृत जानकारी देने को कहा गया है। राज्य शासन द्वारा नोबल कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के मद्देनजर प्रदेश के सभी आंगनवाड़ी केंद्र और मिनी आंगनवाड़ी केंद्रों को 31 मार्च तक तत्काल प्रभाव से बंद रखने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, आंगन कार्यक्रम/ डे-केयर सेंटर का क्रियान्वयन भी स्थगित कर दिया गया है। प्रदेश के 13 जिले के 4022 गाँव में 15 समूह नल-जल योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को घरेलू नल कनेक्शन दिये जाएंगे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने इसके लिये 7855 करोड़ की कार्य-योजना तैयार की है, जिसका क्रियान्वयन राज्य जल निगम द्वारा किया जायेगा।