1 बागी विधायकों को मनाने बेंगलुरु पहुंचे मध्यप्रदेश के मंत्री जीतू पटवारी के साथ पुलिस ने रिसॉर्ट में बदसलूकी की. पटवारी लाखन सिंह, ग्वालियर वाले अशोक सिंह हाटपिपलिया के विधायक मनोज चौधरी के पिता नारायण चौधरी व भाई बलराम को लेकर बेंगलुरु पहुंचे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि मनोज को पिता नारायण से बात नहीं करने दी गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया बाद में जब भाजपा नेताओं ने बताया कि मैं मंत्री हूं तब छोड़ा. 2 राज्यसभा सांसद और कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने कहा है कि मंत्रियों जीतू पटवारी व लाखन सिंह यादव के साथ बेंगलुरु में भाजपा नेताओं व स्थानीय पुलिस के दुर्व्यवहार का मामला सुप्रीम कोर्ट में लेकर जाएंगे. उन्होंने कहा कि जब लोकतंत्र पर इस तरह का हमला होता है तो सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति को खुद संज्ञान लेकर हस्तक्षेप करना चाहिए. 3 वहीं कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले दिग्विजय सिंह समर्थक बिसाहू लाल सिंह भी बेंगलुरु पहुंच गए हैं, अब वहां 20 विधायक ठहरे हुए हैं. विधायकों से मोबाइल फोन ले लिए गए हैं और रिजॉर्ट में सिक्योरिटी का पहरा बढ़ा दिया गया है. सीआरपीएफ की 4 टुकड़ियों को तैनात किया गया है. 4 दूसरी तरफ गुरुग्राम में भाजपा विधायकों को किलेबंदी में रखा गया है. उनके साथ केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से धर्मेंद्र प्रधान और अनिल जैन बातचीत कर रहे हैं. कैलाश विजयवर्गीय भी वहां पहुंचे जिन्होंने विधायकों को बताया कि उन्हें अगले आदेश तक होटल में ही रहना पड़ेगा. 5 कांग्रेस से बागी होकर बेंगलुरु गए सिंधिया समर्थक विधायकों को विधानसभा ने नोटिस जारी किए हैं. अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने इन्हें हाजिर होकर इस्तीफे की सत्यता बताने को कहा है. नोटिस में 6 विधायकों को शुक्रवार, 7 को शनिवार को बुलाया गया है आज बचे हुए विधायकों को नोटिस भेजे जाएंगे. 6 भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने के दूसरे दिन ज्योतिरादित्य सिंधिया गुरुवार को केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ भोपाल पहुंचे और 15 किलोमीटर लंबा रोड शो किया. उन्होंने कहा कि मैंने अतिथि विद्वानों, किसानों और वचन पत्र के मुद्दों पर कहा था कि मुझे सड़क पर उतरना होगा तब मुझे जवाब मिला था कि उतर जाओ. 7 इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कमलनाथ सरकार ने वल्लभ भवन को दलालों का अड्डा बना दिया है, दारू बेचने वाले यहां शराब के लिए नीति बनाते हैं, प्रदेश कमलनाथ के खानदान की जागीर नहीं है, सिंधिया के आने से कमलनाथ सरकार थर-थर कांप रही है. 8 सिंधिया के साथ बड़ी तादाद में उनके समर्थक भी भाजपा में शामिल हुए. एयरपोर्ट पर सिंधिया की अगवानी भाजपा के लगभग सभी बड़े नेताओं ने की जिसमें उनकी बुआ यशोधरा राजे भी शामिल थी. 9 इस बीच सिंधिया के भाजपा में जाने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सिंधिया अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर डरे हुए थे और वह विचारधारा को जेब में रखकर आरएसएस के साथ चले गए. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनको राज्यसभा में हम भी भेज सकते थे लेकिन उन्हें मंत्री बनना था इसलिए वे भाजपा में शामिल हुए. 10 विधानसभा चुनाव के समय टिकट से वंचित होने पर कांग्रेस में पहुंचे सरताज सिंह की भाजपा में घर वापसी हो गई है. सरताज का कहना है कि वे सिंधिया समर्थक हैं जब सिंधिया ही कांग्रेस में नहीं है तो वह कांग्रेस में रह कर क्या करेंगे. उधर कांग्रेस नेता और पार्षद गिरीश शर्मा ने भी कांग्रेस छोड़ने का ऐलान कर दिया है.