1 मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि हमारी सरकार बहुमत में है. विधानसभा के फ्लोर टेस्ट में हम अपना बहुमत साबित कर देंगे. वहीं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि अभी कमलनाथ का दांव बाकी है. 2 इस बीच कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अंततः भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया. कांग्रेस से इस्तीफा देने के 26 घंटे बाद उन्होंने दिल्ली में भाजपा मुख्यालय जाकर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. 3 भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद अपने संबोधन में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि कांग्रेस में नई सोच को मान्यता नहीं है, मैंने मध्यप्रदेश के लिए सपने पिरोए थे जो 18 माह में ही बिखर गए इसलिए मैंने पार्टी छोड़ी है. 4 उधर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उस खबर का खंडन किया जिसमें कहा गया था कि सिंधिया को सोनिया - राहुल ने मिलने का समय नहीं दिया. उन्होंने कहा कि सिंधिया एकमात्र ऐसे व्यक्ति रहे हैं जो कभी भी मेरे घर आ सकते थे. 5 ज्योतिरादित्य के खिलाफ मध्यप्रदेश के नेताओं की बयानबाजी जारी है. वरिष्ठ नेता अरुण यादव ने कहा है कि सिंधिया द्वारा अपनाए गए चरित्र को लेकर जरा भी अफसोस नहीं है उनके खानदान ने भी स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंग्रेजी हुकूमत का साथ दिया था. वहीं जीतू पटवारी ने उनकी तुलना गिरगिट से करते हुए कहा है कि किसानों को गोली मारने वालों के साथ और किसानों के खिलाफ दर्ज केस को वापस लेने वालों के विरुद्ध सिंधिया खड़े हो गए हैं. 6 वहीं मध्यप्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार को कोई खतरा नहीं है. उन्होंने कहा कि भाजपा के विधायक 1 दिन पहले गए हैं तो हमारे विधायकों ने कहा कि हमें भी घुमा कर लाओ इसलिए जयपुर ले जा रहे हैं. 7 प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने कहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस छोड़कर प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता व कांग्रेसजनों के साथ धोखा किया है. 8 वहीं ज्योतिरादित्य की भाजपा में आमद का स्वागत करते हुए राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा है कि आज यदि राजमाता साहब हमारे बीच होती तो इस निर्णय पर जरूर गर्व करतीं. ज्योतिरादित्य ने देश हित में यह निर्णय लिया है, मैं व्यक्तिगत और राजनीतिक तौर पर इसका स्वागत करती हूं. 9 सरकार को अस्थिर करने के कांग्रेस के आरोपों को नकारते हुए मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भाजपा का इसमें कोई रोल नहीं है, परेशान होकर अगर कोई कहता है कि उनका इस्तीफा सही तरीके से पहुंच जाए तो उसे पहुंचाने का काम किया गया. 10 सिंधिया के भाजपा में जाने के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार को 8 आईएएस अफसरों के तबादले कर दिए. इन सभी को सिंधिया समर्थक होने के कारण विभिन्न जिलों और संभागों में नियुक्ति मिली हुई थी. वहीं गुना और ग्वालियर कलेक्टर बदले गए हैं जो सिंधिया के खिलाफ चल रही शिकायतों की जांच करेंगे