1 महाराष्ट्र के बाद मध्यप्रदेश में भी ऑपरेशन लोटस बेअसर रहा. मुख्यमंत्री कमलनाथ गुड़गांव और दिल्ली से छह विधायकों को भोपाल वापस ले आए. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार सुरक्षित है. हालांकि इसके बाद भी कांग्रेस के बिसाहू लाल सिंह, रघुराज कंसाना और हरदीप सिंह डंग तथा निर्दलीय सुरेंद्र सिंह शेरा लापता हैं. 2 वापस लौटने वाले विधायकों में कांग्रेस के एंदल सिंह कंसाना और रघुवीर जाटव, बहुजन समाज पार्टी के संजीव कुशवाहा और रामबाई तथा समाजवादी पार्टी के राजेश शुक्ला शामिल हैं. कंसाना और कुशवाहा ने कहा भाजपा से कोई ऑफर नहीं मिला. वहीं खनिज मंत्री प्रदीप जयसवाल और निर्दलीय राणा विक्रम सिंह ने कहा कि जिस की सरकार होगी उसके साथ रहेंगे. 3 इस प्रकरण पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि सरकार ने भाजपा राज में पनपे माफिया खिलाफ अभियान चलाया है इससे भाजपा छटपटा रही है, उसकी सारी कोशिशें नाकाम होंगी. 4 पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा है कि बिसाहू लाल के साथ मारपीट की गई, इन सभी विधायकों के फोन छीन लिए गए, देर रात तक यह सभी वापस लौट आएंगे. 5 कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भाजपा कांग्रेस के विधायकों की खरीद - फरोख्त करना चाहती है, यह उसकी पुरानी आदत है, लेकिन वह इसमें सफल नहीं होगी. उन्होंने कहा कि सरकार को कोई खतरा नहीं है. 6 वन मंत्री उमंग सिंघार ने दोपहर में ट्वीट करके लिखा कि कमलनाथ सरकार पूरी तरह सुरक्षित है, यह राज्यसभा जाने की लड़ाई है, बाकी आप समझदार हैं... 7 पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस में मारामारी मची हुई है, सरकार हम गिराने की नहीं सोच रहे हैं, यदि खुद के बोझ से गिर जाए तो वह जानें. 8 वहीं पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि जो कह रहे हैं कि 5 - 7 विधायक मेरे संपर्क में हैं तो मैं उनसे कहना चाहता हूं कि 15 से 20 विधायक मेरे संपर्क में हैं. हालांकि भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी और शरद कोल के अगले कदम पर भी सबकी नजर है. 9 इस बीच हॉर्स ट्रेडिंग में शामिल रहे भाजपा विधायक संजय पाठक के परिवार की लौह अयस्क की दो खदान बुधवार को प्रशासन ने सील कर दी हैं. सुप्रीम कोर्ट मई में ही इन पर खनन की रोक लगा चुका है लेकिन सरकार की तरफ से इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई थी. किंतु संजय पाठक की भूमिका को देखते हुए यह कदम उठाया गया. 10 आगर मालवा में भाजपा कार्यकर्ताओं के विधानसभा स्तरीय सम्मेलन में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है लेकिन दारु की दुकान गली-गली और घर घर-घर मौजूद है, पता नहीं यह सरकार कैसे चल रही है.