1 बजट को लेकर आला अफसरों के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि कांग्रेस के वचन पत्र के बिंदुओं को बजट में प्राथमिकता दी जानी चाहिए. मुख्यमंत्री ने अफसरों से स्पष्ट कहा कि बजट ठोस प्रावधानों वाला होना चाहिए, जिन योजनाओं की जरूरत नहीं उन्हें बंद कर दें और उनके लिए बजट ना रखा जाए. 2 पैसा जुटाने के लिए राज्य सरकार बजट में बेटरमेंट टैक्स के साथ कुछ राशि लेकर अतिरिक्त एफएआर भी देने पर विचार कर रही है. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने रविवार को वित्तमंत्री और विभाग के अधिकारियों के साथ बजट के तमाम मसलों पर बात की. इसमें वह रिपोर्ट भी रखी गई, जिसे 5 टीमों ने एक सप्ताह चर्चा के बाद तैयार किया था. 3 मध्यप्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी ने कहा है कि हम कुपोषण दूर करने और महिला सशक्तिकरण पर बहुत ध्यान दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जिसके कारण 15 साल में ना तो कुपोषण दूर हुआ और ना ही महिला अपराध कम हुए. 4 मुस्लिमों को महाराष्ट्र की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी आरक्षण देने की बात कहने वाले जल संसाधन मंत्री हुकुम सिंह कराड़ा ने यू-टर्न लेते हुए मीडिया से कहा कि उन्होंने मुसलमानों को आरक्षण देने की बात नहीं कही थी. सूत्रों के मुताबिक कराड़ा को उनके बयान के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने फटकार लगाई थी. 5 मध्यप्रदेश में पहली बार होने जा रहे फिल्म के सबसे बड़े आईफा अवार्ड के लिए कुल 11000 टिकट उपलब्ध रहेंगी जिनकी ऑनलाइन बिक्री माय शो के जरिए होगी. मुख्यमंत्री कमलनाथ की मंशा के बाद आईफा में सस्ती 500 रुपए की टिकटों की भी व्यवस्था की गई है. इसके लिए अलग से ब्रॉन्ज ब्लॉक बनाया गया है. इस प्रकार 40,000 रुपए तक की टिकट उपलब्ध रहेंगी. 6 युवा कांग्रेस के 7 साल बाद हो रहे चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही विवादों में घिर गई है. चुनाव प्रक्रिया के हिसाब से प्रदेश अध्यक्ष, महासचिव, जिला महासचिव, जिला अध्यक्ष का चुनाव लड़ने के लिए प्रत्याशियों को इंटरव्यू देना होगा. 7 विधानसभा के बजट सत्र से पहले भाजपा ने विधायकों की एकजुटता को टटोलने के लिए सभी को संभाग वार भोपाल बुलाने की तैयारी की है. विधायकों की संभाग वार बैठक में प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के साथ प्रमुख नेता मौजूद रहेंगे. 8 इस बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने मीडिया से कहा है कि मुरैना एवं भिंड के 100 से अधिक गांव में ओलावृष्टि के कारण फसलें बर्बाद हुई हैं लेकिन राज्य सरकार का एक भी मंत्री या जिम्मेदार व्यक्ति किसानों के बीच नहीं पहुंचा. उन्होंने किसानों को 100ः मुआवजा देने की मांग की. 9 उधर प्रदेश के अनेक इलाकों में बुंदेलखंड से गुना, रायसेन तक तेज हवा के साथ ओले व बारिश होने से किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा है. गेहूं की बालियां टूट गई हैं, चना, मटर के फूल भी झड़ गए हैं, सरसों भी बर्बाद हो गई है. 10 किसानों को हुए नुकसान पर कृषि मंत्री सचिन यादव ने कहा है कि ओलावृष्टि वाले इलाकों में किसानों के नुकसान का आकलन किया जा रहा है, सर्वे के बाद उचित मुआवजा दिया जाएगा, सरकार किसानों के साथ खड़ी है.