पीएसएस केन्द्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान में तकनीकी व व्यावसायिक शिक्षा पर आधारित राष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे दिन बुधवार को वक्ताओं ने औद्योगिक क्षेत्र में उत्पादक कार्य, सतत आजीविका, व्यक्तिगत सशक्तिकरण और सामाजिक आर्थिक विकास के अवसरों को बढ़ाने के लिए यूनिवॉक केंद्रों सहित विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय-राष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा अपनाई गई रणनीतियों और कार्रवाई पर चर्चा की। इस अवसर पर संस्थान के संयुक्त निदेशक प्रो. राजेश पुं. खंबायत ने औद्योगीकरण के इस दौर में पर्यावरण पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई। प्रो. खंबायत ने कहा कि आर्थिक उन्नति की इस दौड़ में वातावरण की अनदेखी हो रही है। ग्लोबल वार्मिंग का बढ़ता स्तर और उद्योगों से फैलने वाले प्रदूषण से जीवन प्रभावित हो रहा है। भारत दूसरा बड़ा देश है, जो लगातार जलवायु परिवर्तन की तीव्रता से प्रभावित हो रहा है। इन सब समस्याओं का समाधान केवल व्यावसायिक शिक्षा में निहित है।