मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ माह के प्रथम दिन होने वाले 'वंदेमातरम् कार्यक्रम' में शामिल हुए। श्री कमल नाथ पूर्वांह 11 बजे मंत्रालय के समक्ष सरदार पटेल उद्यान पहुँचे। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ वंदेमातरम् का गायन किया। जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने नर्मदा जयंती पर सपत्नीक राजधानी भोपाल स्थित नर्मदा मंदिर में माँ नर्मदा की पूजा-अर्चना की। श्री शर्मा कलश लेकर शोभा-यात्रा में श्रद्धालुओं के साथ शामिल हुए।उन्होंने कहा कि माँ नर्मदा प्रदेश की जीवन रेखा हैं। श्री शर्मा ने घोषणा की कि अब प्रति वर्ष नर्मदा जयंती का तीन दिन का आयोजन होगा। राजस्व और परिवहन मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत की उदघोषणा के साथ राजधानी भोपाल के टी.टी. नगर स्टेडियम में 7 दिवसीय राज्य स्तरीय गुरूनानक देवजी प्रांतीय ओलम्पिक खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री जीतू पटवारी, पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री अरूण यादव तथा पद्मश्री ओलम्पियन तीरंदाज सुश्री दीपिका कुमारी ने इस मौके पर रंगीन गुब्बारे छोड़े। खनिज साधन मंत्री श्री प्रदीप जायसवाल ने खनिज अधिकारियों एवं रेत ठेकेदारों की संयुक्त बैठक में कहा कि खदान संचालन के लिए समस्त कार्रवाई शीघ्र पूरी करें। उन्होने कहा कि प्रदेश में रेत नियम-2019 के अन्तर्गत निविदा की कार्रवाई पूर्ण हो चुकी है। सभी ठेकेदार एलओआई संबंधी समस्त औपचारिकाएँ पूरी करें। " जय किसान फसल ऋण माफी योजना" के द्वितीय चरण लाभ वितरण में रायसेन कृषि उपज मण्डी में कुटीर एवं ग्रामोद्योग एवं प्रभारी मंत्री श्री हर्ष यादव और स्कूल शिक्षा मंत्री प्रभुराम चौधरी ने लाभान्वित किसानों को फसल ऋण माफी पत्र भेंट किए। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल ने कहा है कि 1444 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का सुदृढ़ीकरण कर सुपर कॉरीडोर विकसित किया जायेगा। इसके लिये राज्य सरकार के प्रस्ताव पर भारत सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तृतीय चरण में 1177 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। इस कार्य के लिये 60 प्रतिशत भारत सरकार देगी और 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा व्यय की जाएगी। प्रशासन अकादमी में 2014-15 बैच के प्रशिक्षणरत 51 युवा रेंज आफिसर्स को कठौतिया जंगल कैम्प में ईको-टूरिज्म का प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों को प्रदेश में इको-टूरिज्म बढ़ाने के लिये आयोजित गतिविधियों, योजनाओं, जागरूकता कार्यक्रम, क्षमता निर्माण आदि की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने प्रकृति भ्रमण के साथ स्थानीय वन समितियों के सदस्यों से बात की।