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अंतर्राष्ट्रीय
04-Nov-2026

महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी एप मामले में आरोपी सौरभ चंद्राकर को लेकर बड़ी खबर है। रायपुर की विशेष CBI अदालत ने सौरभ चंद्राकर की 8 दिन की कस्टोडियल रिमांड मंजूर कर दी है। कोर्ट ने CBI को सौरभ को दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय ले जाकर पूछताछ करने की अनुमति भी दी है। अब CBI की टीम दिल्ली में उससे पूछताछ करेगी। सौरभ को ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था। इसके बाद CBI उसे दिल्ली से रायपुर लेकर पहुंची और बुधवार को विशेष अदालत में पेश किया। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी की वैधता और प्रत्यर्पण की शर्तों पर सवाल उठाए जबकि CBI ने पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की थी। रिमांड के दौरान CBI महादेव एप के संचालन कथित सट्टेबाजी नेटवर्क आर्थिक लेन-देन और सिंडिकेट से जुड़े लोगों को लेकर पूछताछ कर सकती है। CBI मुख्यालय में पूछताछ CCTV निगरानी में होगी। कोर्ट ने सौरभ को शाम के समय अपने वकील से मुलाकात की अनुमति भी दी है। करीब 6 हजार करोड़ रुपये के कथित महादेव सट्टा ऐप मामले में मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर की 8 दिन की CBI रिमांड मंजूर हो गई है। ओमान से प्रत्यर्पण के बाद रायपुर की विशेष CBI अदालत ने उसे कस्टोडियल रिमांड पर भेजा है। अब दिल्ली स्थित CBI मुख्यालय में सौरभ से पूछताछ होगी। एजेंसी की पूछताछ में महादेव ऐप के कथित नेटवर्क आर्थिक लेन-देन और इससे जुड़े अन्य लोगों को लेकर अहम जानकारी सामने आने की उम्मीद है। इधर सौरभ की रिमांड के साथ ही छत्तीसगढ़ में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि मुख्य अभियुक्त को पकड़कर भारत लाया गया है और CBI की पूछताछ में कई और लोग फंस सकते हैं। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि महादेव ऐप का पैसा बीजेपी नेताओं से लेकर दिल्ली तक पहुंचता है। उन्होंने रवि उप्पल और शुभम सोनी की गिरफ्तारी को लेकर भी सवाल उठाए। बैज ने दावा किया कि महादेव ऐप के खिलाफ कार्रवाई कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई थी। अब CBI की पूछताछ पर नजर है कि इस कथित नेटवर्क से जुड़े और कौन-कौन से नाम सामने आते हैं। गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर विकासखंड में शिक्षा विभाग से जुड़ी वित्तीय अनियमितता का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि वर्ष 2018 में योजना बंद होने के बाद भी उससे जुड़े बैंक खाते संचालित होते रहे और वर्ष 2018 से 2025 के बीच अलग-अलग किस्तों में करीब 63 लाख रुपये निकाल लिए गए। हैरानी की बात यह है कि इन निकासी का विभागीय कैशबुक कैश रजिस्टर और अन्य सरकारी अभिलेखों में कोई उल्लेख नहीं मिला है। दरअसल सर्व शिक्षा अभियान के तहत शिक्षाकर्मियों के एरियर्स भुगतान के लिए करीब 3 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। वर्ष 2018 में शिक्षाकर्मियों के संविलियन के बाद खातों में करीब 1 करोड़ 35 लाख रुपये शेष थे। नियमानुसार राशि शासन को वापस कर खाते बंद किए जाने थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मामले की शिकायत कलेक्टर जनदर्शन में की गई थी। शिकायत के बाद कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी ने पांच सदस्यीय जांच टीम गठित की है। टीम निकासी और रिकॉर्ड की जांच कर रही है। रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर नियमानुसार कार्रवाई की बात कही गई है। गरियाबंद जिले में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर अब राजस्व व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। छत्तीसगढ़ राजस्व पटवारी संघ के बैनर तले जिले के पटवारी 13 अक्टूबर से चार सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। पटवारियों के काम से दूर रहने के कारण किसानों के जमीन और राजस्व संबंधी काम अटक गए हैं। वहीं आम लोगों के साथ स्कूली बच्चों को भी आय जाति और निवास प्रमाण पत्र बनवाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पटवारी संघ की प्रमुख मांगों में PV ऐप में काम का बहिष्कार निलंबन और स्थानांतरण की कार्रवाई वापस लेना वेतन विसंगति दूर करना और राजस्व निरीक्षक के पद पर विभागीय पदोन्नति देना शामिल है। संघ का कहना है कि लंबे समय से मांगों को लेकर शासन से गुहार लगाई जा रही थी लेकिन सुनवाई नहीं होने के बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला लिया गया। पटवारी संघ ने साफ किया है कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी। ऐसे में अब प्रशासन के सामने हड़ताल खत्म कराने और प्रभावित राजस्व कार्यों को जल्द बहाल करने की चुनौती है जशपुर जिले में ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि SIR को लेकर कांग्रेस और इंडी गठबंधन के लोग देशभर में लोगों के बीच भ्रम पैदा करने और अराजकता फैलाने का काम कर रहे हैं। इसी के खिलाफ लोगों में जागरूकता लाने के लिए प्रदेश के हर जिले में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। सीएम साय ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और मतदाता सूची से जुड़े SIR को लेकर जनता को सही जानकारी देने के उद्देश्य से बीजेपी कार्यकर्ता जिलों में पदयात्रा कर रहे हैं।