राजधानी भोपाल में दशहरा चल समारोह से पहले डीजे और मंच संचालकों का विरोध सामने आया है। पुलिस की गाइडलाइन डीजे बंद कराने और चालानी कार्रवाई से नाराज पुराने भोपाल के संचालकों ने इस साल चल समारोह के दौरान मंच नहीं लगाने का निर्णय लिया है। संचालकों का कहना है कि मंच लगाने और सजावट पर लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद झांकियों को पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। ऐसे में मंच लगाना आर्थिक रूप से नुकसानदायक साबित हो रहा है।डीजे संचालकों का कहना है कि प्रशासन की ओर से चार साउंड बॉक्स के साथ डीजे बजाने की बात कही जाती है। वे निर्धारित नियमों का पालन करने को तैयार हैं लेकिन इसके बावजूद समय से पहले डीजे बंद कराने और चालान किए जाने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुराने भोपाल की समिति का कार्यालय पुराने भोपाल में ही होना चाहिए। उनका आरोप है कि पहले समिति का कार्यालय राम मंदिर में था लेकिन अब इसे प्लेटिनम प्लाजा के पास स्थानांतरित कर दिया गया है। इससे पुराने भोपाल के लोगों को अपनी समस्याएं रखने में असुविधा होती है।