मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर उत्तराखंड में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत ग्रामीण सड़क संपर्क के विस्तार पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत सड़क एवं सेतु निर्माण के प्रस्तावों की स्वीकृति के संबंध में विस्तृत चर्चा की। इस दौरान प्रदेश में ग्रामीण कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण (PMGSY-IV) के अंतर्गत प्रस्तुत प्रस्तावों पर सकारात्मक सहमति बनी। केंद्रीय मंत्री ने राज्य के प्रस्तावों पर शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा अपने पूरे शबाब पर है देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु बाबा केदार बदरी विशाल गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन के लिए देवभूमि पहुंच रहे हैं लेकिन इस भारी भीड़ के बीच अब सियासी पारा भी गरमा गया है भारतीय जनता पार्टी का दावा है कि इस बार चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड तोड़ भक्त आ रहे हैं बीजेपी प्रवक्ता का कहना है कि सरकार की बेहतर तैयारियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के कारण श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है चारों धामों में प्रशासन की तरफ से मुस्तैदी से काम किया जा रहा है ताकि किसी को कोई असुविधा न हो। दूसरी तरफ मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने सरकार के इन दावों को पूरी तरह हवा-हवाई बताया है कांग्रेस का आरोप है कि धरातल पर स्थितियां बिल्कुल अलग हैं l कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार केवल आंकड़ों की बाजीगरी कर रही है जबकि हकीकत यह है कि देश के कोने-कोने से आ रहे यात्रियों को रहने खाने और दर्शन करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है कई जगहों पर होटल और धर्मशालाओं की कमी है तो कहीं लंबी लाइनों की वजह से बुजुर्गों और बच्चों को घंटों भूखे-प्यासे इंतजार करना पड़ रहा है। रामनगर नगर पालिका प्रशासन की टीम नगर के मुख्य बाजार में जेसीबी मशीन लेकर अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंची। पालिका की टीम ने मुख्य बाजार से कुछ स्थानों से अस्थाई अतिक्रमण हटाते हुए कई लोगों का सामान जप्त करने की कार्रवाई की। इसके बाद पालिका की टीम पुरानी तहसील चौक पर जैसी ही पहुंची तो वहां पर बाजार क्षेत्र से सभासद शिवि अग्रवाल और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी आलोक उनियाल के बीच जमकर बहस हो गई दोनों की बहस के बाद मौके पर भारी संख्या में व्यापारी भी पहुंच गये और उन्होंने नगर पालिका की कार्रवाई पर विरोध जताते हुए जमकर हंगामा किया। इसके बाद पालिका की टीम को मौके से बैरंग लौटना पड़ा। श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले में आयोजित होने वाले दो दर्जन से अधिक खेलों का शुभारंभ प्रदेश के परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने खेल ध्वज फहराने के साथ खेलों के उद्घाटन की घोषणा की इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक व प्रदेश के स्वास्थ्य तथा मेला समिति के मुख्य संरक्षक श्री सुबोध उनियाल व मेला समिति के अध्यक्ष राजेंद्र विक्रम सिंह पंवार भी मौजूद थे मुख्य अतिथि प्रदीप बत्रा तथा स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने मार्च पास्ट की सलामी ली। इस मौके पर आयोजित विभिन्न सांस्कृतिक एवं देश भक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया मुख्य अतिथि प्रदीप बत्रा व मेला समिति के मुख्य संरक्षक सुबोध उनियाल ने विद्यालयों के बच्चों द्वारा मार्च पास्ट व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुएस्कूली बच्चों को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि वे खेल के मैदान में खेल भावनाओं से खेलें बताया कि खेल सामूहिक प्रयास से सफलता अनुशासन स्वास्थ्य संवर्धन और लक्ष्य को हासिल करना सिखाते हैं। देहरादून वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. पंकज चौहान ने जलवायु परिवर्तन को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि जलवायु परिवर्तन केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं है बल्कि यह पूरे देश और विश्व के लिए एक बड़ा और अहम मुद्दा बन चुका है। पिछले दो-तीन दशकों में तापमान में लगातार बढ़ोतरी हुई है और वर्षा के पैटर्न में भी काफी बदलाव आया है। डॉ. चौहान के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के मजबूत होने पर ही ग्लेशियर आगे बढ़ते हैं अन्यथा भारतीय ग्रीष्मकालीन मानसून इस क्षेत्र में अधिक प्रभावी होता जा रहा है। उत्तराखंड और गढ़वाल-कुमाऊं सहित आसपास के क्षेत्रों में मानसून के प्रभावी होने से ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। उत्तराखंड ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संवेदनशील वसुंधरा ताल पर देश का पहला स्वदेशी ग्लेशियर लेक अर्ली वॉर्निंग सिस्टम स्थापित किया गया है। सीएसआईआर–सीबीआरआई के सहयोग से लगाए गए इस सिस्टम के जरिए ग्लेशियर झील टूटने के खतरे की पूर्व चेतावनी मिल सकेगी। ऐसा कदम उठाने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि यह सिस्टम पूरी तरह स्वदेशी और बेहद किफायती तकनीक पर तैयार किया गया है। जहां बाजार में इसकी लागत 8 से 10 करोड़ रुपये आंकी जा रही थी वहीं सीबीआरआई ने इसे करीब 61 लाख रुपये में तैयार कर स्थापित किया है। ट्रायल सफल रहने पर प्रदेश की अन्य संवेदनशील झीलों पर भी ऐसे सिस्टम लगाए जाएंगे। वहीं सीबीआरआई के निदेशक प्रो प्रदीप कुमार ने बताया कि देश की 13 सबसे संवेदनशील झीलों में शामिल वसुंधरा ताल पर 8 तरह के सेंसर्स के साथ यह सिस्टम लगाया गया है जो किसी भी खतरे की स्थिति में करीब दो घंटे पहले चेतावनी जारी करेगा।