संयुक्त विभाग पेंशनर संघ ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन टीएल बैठक में हुई समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षा लंबित शिकायतों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश खैरलांजी कॉलेज में एनएसएस सेवा संकल्प अभियान के तहत पेंटिंग गतिविधि आयोजित पेंशनरों की लंबित मांगों को लेकर संयुक्त विभाग पेंशनर संघ जिला बालाघाट ने मुख्यमंत्री के नाम संयुक्त कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। संगठन के जिलाध्यक्ष बी.एल. चौधरी ने बताया कि पेंशनरों को केंद्र सरकार के समान 2 प्रतिशत डीआर यानी महंगाई राहत शीघ्र प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि पेंशनरों की जायज मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए ताकि उन्हें राहत मिल सके। संगठन ने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की। कलेक्टर कुमार सत्यम के निर्देशन में 12 अक्टूबर को जिला पंचायत सीईओ तनुश्री मीणा ने समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं और लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए। सीएम हेल्पलाइन में 50 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों को प्राथमिकता से निपटाने को कहा गया। वहीं बैहर बिरसा लांजी और परसवाड़ा में स्व-सहायता समूहों के कार्यों में तेजी लाने तथा 100 विलेज माइक्रो प्लान की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। राष्ट्रीय सेवा योजना के सेवा संकल्प अभियान-2026 के तहत वीरांगना रानी अवंती बाई शासकीय महाविद्यालय खैरलांजी में सोमवार को ग्रीटिंग कार्ड निर्माण एवं पेंटिंग गतिविधि आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने मेरे सपनों का भारत नारी सशक्तिकरण भारतीय सेना जल संवर्धन ऊर्जा संरक्षण नशामुक्ति और लोक संस्कृति विषयों पर आकर्षक पेंटिंग बनाई। कार्यक्रम प्राचार्य नीरज सिंह ठाकुर के निर्देशन तथा एनएसएस अधिकारी रोहित कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में हुआ। इसका उद्देश्य सामाजिक जागरूकता और रचनात्मक सोच विकसित करना था। विकासखंड बिरसा के ग्राम सलघट में सोमवार को जल अर्पण दिवस मनाया गया। इस अवसर पर जल जीवन मिशन के तहत निर्मित नल-जल योजना विधिवत रूप से ग्राम पंचायत सलघट को हस्तांतरित की गई। योजना के हस्तांतरण के साथ ही ग्रामीणों को घर-घर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। कार्यक्रम में ग्रामीणों को जल संरक्षण पानी के सदुपयोग तथा योजना के उचित रखरखाव के प्रति जागरूक किया गया। ग्राम सलघट में नल-जल योजना का उद्देश्य प्रत्येक घर तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है। योजना के संचालन से ग्रामीणों को पेयजल की उपलब्धता में सुविधा मिलने की उम्मीद है। इससे विशेष रूप से उन महिलाओं को राहत मिलेगी जिन्हें पानी की व्यवस्था के लिए दूर-दराज के स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है।