शेयर बाजार में लगातार आठवें हफ्ते गिरावट सेंसेक्स 500 अंक टूटा शेयर बाजार में 29 सितंबर को लगातार आठवें हफ्ते गिरावट का दौर जारी है। सेंसेक्स 500 अंकों से ज्यादा टूटकर 72250 के स्तर पर कारोबार कर रहा है जबकि निफ्टी में करीब 150 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 22600 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में ऑटो मेटल और मीडिया सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली। लगातार गिरावट के चलते निवेशकों के बीच बाजार की चाल को लेकर सतर्कता बनी हुई है। अमेरिका में 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा एस्सार ग्रुप भारतीय एस्सार ग्रुप अमेरिका में करीब 18 अरब डॉलर यानी 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा। इस निवेश का सबसे बड़ा हिस्सा अमेरिका के आयोवा राज्य में बनने वाले स्टील प्लांट पर खर्च होगा जिसकी लागत करीब 15 अरब डॉलर यानी 1.25 लाख करोड़ रुपये है। इसे अमेरिका का सबसे बड़ा स्टील प्लांट बताया जा रहा है और यहां 2030 से उत्पादन शुरू होने की योजना है। व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एस्सार ग्रुप के को-फाउंडर रवि रुइया और उनके बेटे रेवंत रुइया की मौजूदगी में इस परियोजना की घोषणा की। फूड प्रोडक्ट पर आर्टिफिशियल स्वीटनर की चेतावनी जरूरी FSSAI को निर्देश चिप्स कोल्ड ड्रिंक और अन्य खाद्य उत्पादों में आर्टिफिशियल स्वीटनर का इस्तेमाल होने पर अब पैकेट के सामने स्पष्ट चेतावनी देने का प्रस्ताव है। सुप्रीम कोर्ट में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने बताया कि ऐसे उत्पादों पर CONTAINS NON-CALORIC SWEETENER लिखना होगा ताकि उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी मिल सके। पहले यह जानकारी पैकेट के पीछे छोटे अक्षरों में दी जाती थी। इसके साथ ही नमक शक्कर और सैचुरेटेड फैट की निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा होने पर पैकेट के सामने लाल षटकोण का निशान लगाने का नियम एक ही चरण में लागू करने का प्रस्ताव है। सुप्रीम कोर्ट ने FSSAI से इन नियमों को जल्द लागू करने को कहा है ताकि उपभोक्ताओं को खाद्य उत्पादों की सही जानकारी मिल सके। टाटा संस को लिस्टिंग से बचाने के लिए मर्जर की योजना टाटा संस को शेयर बाजार में अनिवार्य लिस्टिंग से बचाने के लिए टाटा समूह में दो कंपनियों के विलय की योजना पर काम किया जा रहा है। इस योजना के तहत टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स का टाटा संस के साथ मर्जर किया जा सकता है। इससे टाटा संस केवल वित्तीय निवेश करने वाली कंपनी के बजाय सामान और सेवाएं उपलब्ध कराने वाली परिचालन कंपनी बन जाएगी। इस बदलाव के जरिए कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक के कुछ सख्त नियमों के दायरे से बाहर आने का प्रयास करेगी जिससे शेयर बाजार में लिस्टिंग की अनिवार्यता से राहत मिल सकती है। इस योजना का उद्देश्य टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी पर अपना नियंत्रण बनाए रखना है।