# बिजनेस न्यूज बुलेटिन शेयर बाजार में गिरावट भारतीय शेयर बाजार में आज 19 अगस्त को दबाव देखने को मिल रहा है। सेंसेक्स करीब 300 अंक की गिरावट के साथ 76900 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी भी करीब 100 अंक फिसलकर 24050 के आसपास है। बाजार में मेटल और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी जा रही है। शिपरॉकेट की शानदार लिस्टिंग शिपरॉकेट लिमिटेड के शेयर ने शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की है। 97 रुपये के IPO प्राइस के मुकाबले NSE पर शेयर 131 रुपये पर लिस्ट हुआ यानी करीब 35% प्रीमियम। BSE पर शेयर 129.50 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ जो करीब 33.5% प्रीमियम है। इससे IPO में शेयर पाने वाले निवेशकों को लिस्टिंग के दिन ही अच्छा मुनाफा मिला। टाटा संस की AGM पहली बार टली टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस की 18 अगस्त को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग स्थगित हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक सर रतन टाटा ट्रस्ट जरूरी कोरम की शर्त पूरी नहीं कर सका। कानूनी और तकनीकी अड़चनों के कारण बैठक में कोई फैसला नहीं हो सका। इससे कंपनी से जुड़े तीन अहम फैसले फिलहाल अटक सकते हैं। सीतारमण पहुंचेंगी सिंगापुर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सिंगापुर के लिए रवाना हुई हैं। वह चौथे भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगी। प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री एस. जयशंकर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी शामिल हैं। सम्मेलन 19 और 20 अगस्त को होगा जिसमें दोनों देशों के बीच आर्थिक और कारोबारी सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा होगी। 2027 में महंगाई बढ़ने की चेतावनी जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट के मुताबिक 2027 की पहली छमाही में दुनियाभर में खाद्य कीमतों में करीब 5% तक बढ़ोतरी हो सकती है। रिपोर्ट में कमजोर मानसून महंगे खाद और ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण तेल की बढ़ती कीमतों को प्रमुख जोखिम बताया गया है। भारत में कमजोर बारिश का असर फसल उत्पादन पर पड़ सकता है जिससे खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर दबाव बढ़ने की आशंका है। रेलवे का 3300 करोड़ का प्लान भारतीय रेलवे माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स क्षमता बढ़ाने के लिए ओडिशा के पारादीप पोर्ट की रेल कनेक्टिविटी मजबूत करेगा। इसके लिए दो अलग-अलग रूट पर कुल 98 किलोमीटर नई रेल लाइनें बिछाई जाएंगी। इस परियोजना पर करीब 3300 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से बंदरगाह तक माल की आवाजाही तेज होने और रेलवे की माल ढुलाई से कमाई बढ़ने की उम्मीद है।