Hindi News Agency,Public Search Engine, Public directory - Express Media Service
अंतर्राष्ट्रीय
11-Aug-2026

देहरादून का मालदेवता क्षेत्र शहर के शोर शराबे से दूर और सॉन्ग नदी खूबसूरत पहाड़ियों के बीच बसा ग्रामीण क्षेत्र पर्यटकों को खूब लुभाता है। लेकिन इसी मालदेवता क्षेत्र में पर्यटकों के साथ अब हुड़दंगियों ने भी दस्तक देना शुरू कर दिया है। जहां की शाम कभी परिवारों को सुकून देने वाली होती थी वहीं अब सड़क किनारे अवैध तरीके से बने फूड वैन न सिर्फ इनके हुड़दंग करने का अड्डा बन चुके हैं बल्कि कई बार यहां टीनेजर खुले आम शराब नशे का सेवन कर यहाँ का सिर्फ माहौल ही नहीं बिगाड़ रहे बल्कि सड़क पर चल रहे वाहनों के लिए भी मुसीबत खड़ी कर देते हैं। इतना ही नहीं सवाल अवैध रूप से खुले इन फूड वैन पर भी खड़े होते हैं कि आखिर ये बिना किसी अनुमति के कैसे फूड वैन चला रहे हैं नगर पंचायत और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर खुलेआम कैसे नशे लेकर हुड़दंगी और बिना अनुमति के फूड वैन संचालित हो रही है ? विश्वभर में प्रसिद्ध पिरान कलियर शरीफ स्थित हजरत साबिर पाक रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह मुबारक पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में जायरीन अपनी आस्था और अकीदत के साथ पहुंचते हैं। जायरीन यहां रोजे मुबारक की जियारत करने और अपनी मन्नतें मांगने आते हैं। लेकिन आरोप है कि इन्हीं भोले-भाले जायरीनों को कुछ लोग कथित तौर पर अवैध उगाही का शिकार बना रहे हैं। बता दें कि साबिर पाक के रोजे मुबारक के एंट्री गेट के पर कुछ लोग जायरीनों को रोककर स्वयं को दरगाह का कर्मचारी बताते हैं और उनके द्वारा रोजे मुबारक पर पेश किए जाने वाले फूलों के हदिये के नाम पर पैसे की मांग करते हैं। जानकारी के अभाव के कारण भोले भाले जायरीन इन लोगों की बातों में आकर उन्हेंअचछे खासे पैसे दे देते हैं। पवित्र सावन मास और सावन शिवरात्रि के पावन अवसर पर देहरादून के महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। मंदिर में सुबह से ही भारी संख्या में पहुंच रहे भक्त भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना कर रहे हैं और शिवलिंग पर जल व दूध अर्पित कर रहे हैं। ​श्रद्धालुओं का मानना है कि सावन का महीना अत्यंत उत्तम और पावन होता है जिसमें शिवरात्रि का विशेष महत्व है। एक श्रद्धालु पूजा ने बताया कि पौराणिक कथा के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान निकले हलाहल विष को भगवान शिव ने अपने कंठ में धारण किया था जिसके बाद उनके गुस्से और विष की उष्णता को शांत करने के लिए उन पर जल और दूध चढ़ाया जाता है। वहीं गौरव नामक भक्त ने बताया कि साल में एक बार आने वाले इस पावन माह में मंदिरों का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है और भक्त अपनी मनोकामनाओं के साथ भगवान की आराधना करते हैं। चमोली की नीति घाटी में भारी बारिश के बाद तमक नाला उफान पर आ गया जिसके तेज बहाव में वैली ब्रिज बह गया। घटना के बाद नीति घाटी में आवाजाही प्रभावित हुई है। आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि प्रथम दृष्टया अत्यधिक बारिश को घटना का कारण माना जा रहा है। वैली ब्रिज के बहने के बाद एक हवलदार के लापता होने की सूचना है जिसकी तलाश के लिए रात में ही राहत और बचाव टीमें मौके पर पहुंच गई थीं और लगातार खोजबीन की जा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर संपर्क कटे गांवों और क्षेत्रों में आवश्यक खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं रास्ते को जल्द सुचारू करने के लिए बीआरओ से वैकल्पिक मार्ग तैयार करने को लेकर बातचीत की जा रही है। सचिव ने बताया कि क्षेत्र में बादलों की घनत्व अधिक होने और अत्यधिक बारिश के कारण यह स्थिति बनी। घटना के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच के लिए बीआरओ को निर्देश दिए गए हैं और वैज्ञानिक संस्थानों से भी परिस्थितियों का अध्ययन कराया जाएगा। झारखंड में परीक्षाओं में कथित धांधली पेपर लीक और अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन अब सियासी मुद्दा बन गया है। सोमवार को छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर विधानसभा मार्च किया लेकिन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लाठीचार्ज वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इस कार्रवाई के बाद बीजेपी ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर हमला तेज कर दिया है। इसी मुद्दे को लेकर देहरादून स्थित बीजेपी मुख्यालय में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रेस वार्ता कर कांग्रेस पर निशाना साधा। सुबोध उनियाल ने कहा कि छात्रों के हित और लोकतांत्रिक अधिकारों की बात करने वाली कांग्रेस आज झारखंड में सत्ता में रहते हुए छात्रों पर पुलिस कार्रवाई करवा रही है। नगर पालिका सभासद और कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री जसवीर कौर द्वारा आज एक होटल की सभागार में पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया जिसमें उन्होंने S.I.R. प्रक्रिया को लेकर आम नागरिकों को हो रही परेशानियों को लेकर अपनी बात रखी और सरकार से मांग की गई कि SIR प्रक्रिया के तहत आम लोगों को हो रही परेशानी को दूर किया जाए और इसका सरलीकरण किया जाए प्रक्रिया के दौरान सामने आ रही विभिन्न त्रुटियों मैपिंग की समस्याओं एवं दस्तावेजों के सत्यापन से जुड़ी दिक्कतों के कारण कई लोगों के सामने गंभीर असमंजस की स्थिति बनी हुई है l