जिला अस्पताल में सीज़ेरियन के नाम पर ₹6500 वसूली का आरोप जांच की मांग तेज लाइन में खड़ी होकर कलेक्टर से मिलीं विधायक शराब दुकान हटाने का सौंपा ज्ञापन बालाघाट को मिले नए कलेक्टर: कुमार सत्यम ने संभाला कार्यभार संवेदनशील और जवाबदेह प्रशासन पर जोर जिला चिकित्सालय में भर्ती एक प्रसूता के परिजनों ने सीज़ेरियन ऑपरेशन के नाम पर ₹6500 की कथित वसूली का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में शासन की योजनाओं के तहत प्रसव और उपचार निःशुल्क उपलब्ध होने के बावजूद उनसे राशि ली गई। जानकारी के अनुसार ग्राम सोनझरा तहसील वारासिवनी निवासी रीना सोनवाने को 2 अगस्त को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद 3 अगस्त को उनका सीज़ेरियन प्रसव किया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार ऑपरेशन डॉ. श्रद्धा बारमाटे ने किया। मामला सामने आने के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और वसूली गई राशि वापस दिलाने की मांग की है। कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में एक अलग तस्वीर देखने को मिली। विधायक अनुभा मुंजारे बिना किसी विशेष प्रोटोकॉल के आम नागरिकों की तरह लाइन में खड़ी होकर अपनी बारी का इंतजार करती नजर आईं। कलेक्टर कुमार सत्यम से मुलाकात के दौरान उन्होंने बूढ़ी क्षेत्र की महिलाओं की ओर से रिहायशी इलाके में संचालित शराब दुकान को हटाने की मांग उठाई। विधायक ने बताया कि वार्ड क्रमांक 12 की महिलाएं और स्थानीय नागरिक पिछले 114 दिनों से अनिश्चितकालीन आंदोलन कर रहे हैं लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ। महिलाओं ने भी सुरक्षा और सामाजिक माहौल का हवाला देते हुए दुकान को तत्काल हटाने की मांग दोहराई। कलेक्टर ने मामले की जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिले को नया कलेक्टर मिल गया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 2017 बैच के अधिकारी कुमार सत्यम ने सोमवार को कलेक्टर पद का कार्यभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने पत्रकारों से चर्चा कर प्रशासन की प्राथमिकताएं साझा कीं। उन्होंने कहा कि प्रशासन में संवेदनशीलता पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट करने लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान करने और प्रो-एक्टिव तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ मिल सके। साथ ही उन्होंने बालाघाट को विकास सुशासन और जनसेवा के हर पैमाने पर प्रदेश के अग्रणी जिलों में बनाए रखने का संकल्प व्यक्त किया। सरदार पटेल कॉलेज में आयुर्वेद की पढ़ाई कर रही एक छात्रा द्वारा लैब में आर्सेनिक जैसे जहरीले रसायन का सेवन किए जाने से हड़कंप मच गया। छात्रा की तबीयत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत फिलहाल स्थिर है। छात्रा महाराष्ट्र के जलगांव की रहने वाली है और कॉलेज छात्रावास में रह रही थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मानसिक तनाव के चलते उसने यह कदम उठाया। देर शाम जारी बयान में छात्रा ने व्यक्तिगत कारणों का उल्लेख किया। वहीं विधायक अनुभा मुंजारे ने अस्पताल पहुंचकर छात्रा का हाल जाना और कॉलेज प्रबंधन पर निर्धारित शुल्क से अधिक फीस वसूली के आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। विधायक अनुभा मुंजारे ने आज शाम शहर के बालाघाट स्थित जैन हॉस्पिटल पहुंच कर बालाघाट जिले के वनवासी क्षेत्रों एवं सीमावर्ती जिलों की 15 स्कूली छात्राएं सोमवार को फूड पॉइजनिंग बुखार और सिरदर्द के कारण बीमार पड़ गईं उनका स्वास्थ लाभ जाना। ये छात्राएं बालाघाट के सेवाभारती आश्रम में रहकर पढ़ाई करती हैं। सभी को जैन हॉस्पिटल बालाघाट में भर्ती कराया गया है। शुरुआत मेंछात्रावास अधीक्षिका भारती गौतम ने बच्चों के बीमार होने को सामान्य बताया और केवल चेकअप कराने की बात कही। उन्होंने बच्चों के पेट खराब होने के लिए पारले बिस्किट को जिम्मेदार ठहराया। जिले के ग्रामीण थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मगरदर्रा में नव-विवाहिता ने फांसी लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतिका छोटी कुम्हारी निवासी दीक्षा पति योगेश उइके २७ वर्ष निवासी मगरदर्रा ने सोमवार की रात अपने कमरे में फांसी लगा ली। जिसकी सूचना पुलिस को मिलने पर पुलिस ने मृतिका दीक्षा का शव बरामद कर मंगलवार की सुबह शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। मृतिका के मायके पक्ष ने दीक्षा की मौत पर संदेह करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्यवाही किए जाने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है। पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर मामले की विवेचना की जा रही है। बहुचर्चित डबल मनी मामले में लांजी के पूर्व विधायक रमेश भटेरे पर कार्रवाई नहीं होने को लेकर पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने पुलिस और जांच एजेंसियों पर सवाल उठाए हैं। मंगलवार को पत्रकार वार्ता में उन्होंने दावा किया कि पूर्व विधायक के पीएसओ के पास से मुख्य आरोपी सोमेंद्र कंकरायने की कार मिलना बड़ा सबूत है लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। मुंजारे ने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी की पहली गिरफ्तारी से पहले भाजपा कार्यालय में बैठक हुई थी जहां पार्टी फंड के नाम पर पैसे की मांग की गई। उन्होंने चावल हेराफेरी मामले में एसआईटी की जांच पर भी सवाल उठाए और दोनों मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए 9 अगस्त को धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की।