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अंतर्राष्ट्रीय
02-Aug-2026

जबलपुर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शहर प्रवास के दौरान शनिवार को जबलपुर का सियासी पारा उस वक्त चढ़ गया जब युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर रानीताल स्थित भाजपा संभागीय कार्यालय का घेराव करने का प्रयास किया। युवा कांग्रेस नेता विजय रजक के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता गोलबाजार से हाथों में पोस्टर डमरू और थालियां लेकर ढोल-नगाड़ों की थाप पर भाजपा कार्यालय की ओर बढ़े। हालांकि मौके पर मुस्तैद पुलिस प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रास्ते में ही रोक लिया और भीड़ को बेकाबू होते देख वाटर कैनन का इस्तेमाल कर उन्हें पीछे खदेड़ दिया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने भाजपा हिसाब दो के जोरदार नारे लगाते हुए जमकर विरोध दर्ज कराया। युवा कांग्रेस नेता विजय रजक ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण के नाम पर घर-घर जाकर चंदा जुटाने वाले भाजपा नेता अब इस कथित चंदा चोरी के मामले पर पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भाजपा और उससे जुड़े संगठन इस विषय पर जनता को स्पष्ट जवाब नहीं देते हैं तो उनका नैतिक अधिकार पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। हंगामे के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा जिससे स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और शांतिपूर्ण बनी रही। जबलपुर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को तिलवारा के नवनिर्मित थाना भवन का भव्य लोकार्पण किया। इस अवसर पर जबलपुर पुलिस परिवार ने मुख्यमंत्री का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए इस पहल को जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत तथा प्रभावी बनाने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम बताया। नवीन थाना भवन का निर्माण आम नागरिकों पीड़ितों और फरियादियों की सुविधाओं को प्राथमिक ध्यान में रखकर किया गया है। अधिकारियों के अनुसार इस नए परिसर में आगंतुकों के लिए सुविधाजनक प्रतीक्षालय सुव्यवस्थित बैठक व्यवस्था और पुलिसकर्मियों के लिए आधुनिक कार्यस्थल तैयार किए गए हैं ताकि जनसेवा और पुलिसिंग का कार्य और अधिक सुचारू रूप से संचालित हो सके। जबलपुर पुलिस का कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की इस पहल से पुलिसकर्मियों को एक बेहतर और सकारात्मक कार्य वातावरण प्राप्त होगा। यह अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पुलिस बल में नई ऊर्जा का संचार करेगा जिससे जवान और अधिक तत्परता से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकेंगे तथा आमजन को त्वरित और सुलभ सेवाएँ मिल सकेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को घंटाघर स्थित गीता भवन में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में जबलपुर वासियों को 665 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने 362.31 करोड़ रुपये की लागत से तैयार अमृत 1.0 सीवेज परियोजना का लोकार्पण करने के साथ-साथ आधुनिक लॉन्ड्री हाई-टेक मत्स्य बाजार और अन्य महत्वपूर्ण जनहितैषी विकास कार्यों का शुभारंभ किया। अमृत 1.0 परियोजना के तहत शहर में 247 किलोमीटर लंबा सीवर नेटवर्क बिछाया गया है और 89 हजार घरेलू सीवर कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। साथ ही कठौंदा 32 एमएलडी ललपुर 34 एमएलडी और तेवर 29 एमएलडी में कुल 95 एमएलडी क्षमता के तीन अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए गए हैं जिससे शहर के लगभग 89 हजार घरों को वैज्ञानिक सीवेज प्रबंधन की सुविधा मिलेगी और गलियों में गंदे पानी के बहने की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि इन विकास कार्यों से जबलपुर में स्वच्छता पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं को एक नई मजबूती मिलेगी जिससे शहर आधुनिक नगरीय अधोसंरचना की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को जबलपुर के डुमना नेचर पार्क से कैच द रेन और एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत 11 लाख पौधारोपण महाअभियान का भव्य शुभारंभ किया। इस अभियान के अंतर्गत डुमना उमरिया और कठौंदा में मियावाकी पद्धति के माध्यम से 5 लाख पौधे लगाने की शुरुआत की गई जिसमें स्कूली विद्यार्थियों ने भी भारी उत्साह के साथ हिस्सा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उमरिया में पौध-पहचान पार्क डुमना में नवग्रह वाटिका और सोकपिट निर्माण कार्य का भी उद्घाटन किया। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह सांसद आशीष दुबे महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू और विधायक अभिलाष पांडे सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने मियावाकी पद्धति की सराहना करते हुए कहा कि इससे कम समय में सघन वन तैयार किए जा सकते हैं। उन्होंने जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन पर जोर देते हुए जल है तो जीवन है का संदेश दिया और इसे आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। इस अवसर पर भाजपा जनकल्याण मंच के पदाधिकारियों व सदस्यों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और इस महाअभियान में अपनी सहभागिता निभाते हुए पौधे भी रोपे। सरकारी मंचों से विकास और सुशासन के ढिंढोरे पीटने वाले हुक्मरानों को बरगी के ग्राम मोठार से आई यह तस्वीर चुल्लू भर पानी में डूब मरने के लिए काफी है। आजादी के दशकों बाद भी पक्की सड़क को तरस रहे इस गांव की हकीकत तब पूरी तरह बेनकाब हो गई जब मेडिकल कॉलेज जबलपुर में दम तोड़ने वाली 11 वर्षीय मासूम माया मरावी का शव उसके गांव तक नहीं पहुंच सका। कीचड़ और गड्ढों के दलदल में शव वाहन बुरी तरह फंसकर रह गया। लाचार पिता रामस्वरूप मरावी और ग्रामीणों को मजबूरी में बरगी नगर से एक हाथ ठेला मंगवाना पड़ा जिस पर बच्ची के शव को रखकर जैसे-तैसे गांव तक ले जाया गया। यह शर्मनाक मंजर व्यवस्था के मुंह पर करारा तमाचा है। गांव जब से बसा है तब से यहां के लोगों ने पक्की सड़क की शक्ल तक नहीं देखी। हालत यह है कि मरीज हों या गर्भवती महिलाएं 108 एम्बुलेंस गांव में घुसने से हाथ खड़े कर देती है। कई पीढ़ियों से बुनियादी हक के लिए तरस रहे मोठार के ग्रामीणों का सब्र अब जवाब दे चुका है। शंकर लाल वरकड़े लेखराम और नर्मदा प्रसाद समेत पूरे गांव ने चेतावनी दी है कि कागजी दावे करने वाले जनप्रतिनिधि और सुस्त प्रशासन अगर जल्द पक्की सड़क का निर्माण शुरू नहीं कराता तो वे उग्र जनआंदोलन के लिए सड़कों पर उतरेंगे।