छत्तीसगढ़ में कृषि विकास और किसान कल्याण को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार पिछले ढाई वर्षों से लगातार नई पहल कर रही है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने जल संरक्षण को बढ़ावा देने और खेती में विविधीकरण लाने की दिशा में कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि 1 जून से 30 जून तक प्रदेशभर में कृषि संकल्प अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत किसानों को जल संरक्षण प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन और कम पानी वाली फसलों की खेती के लिए जागरूक किया गया। अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और बड़ी संख्या में किसानों ने गर्मी के मौसम में धान के स्थान पर मक्का मूंगफली सरसों उड़द तथा अन्य दलहन-तिलहन फसलों की खेती शुरू की है। इससे पानी की बचत के साथ किसानों की आय बढ़ाने के नए अवसर भी बने हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश के किसान अब नई तकनीकों और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए स्वयं आगे आ रहे हैं। खेती को अधिक आधुनिक और लागत प्रभावी बनाने के लिए ड्रोन तकनीक को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ड्रोन की मदद से एक घंटे में 25 से 50 एकड़ तक कृषि कार्य किया जा सकता है जिससे समय और श्रम दोनों की बचत होती है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के मार्गदर्शन में राज्य में जैविक खेती कृषि विविधीकरण और आधुनिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य खेती को अधिक टिकाऊ लाभकारी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाना है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने महंगी बिजली और स्मार्ट मीटर के विरोध में 1 अगस्त से प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने दो दिवसीय दिल्ली दौरे से लौटने के बाद रायपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान आंदोलन की रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि 1 अगस्त को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में प्रेस वार्ता आयोजित कर बिजली दरों में बढ़ोतरी और स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं को जनता के सामने रखा जाएगा। इसके बाद 2 अगस्त से घर-घर जनसंपर्क अभियान शुरू होगा जिसमें कांग्रेस कार्यकर्ता लोगों से स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर फॉर्म भरवाएंगे। यह अभियान करीब दो महीने तक चलेगा। दीपक बैज ने कहा कि अभियान के दौरान एकत्र किए गए फॉर्म के आधार पर कांग्रेस प्रदेशभर के कार्यकर्ताओं के साथ मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेगी। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में बिजली दरों में पांच बार बढ़ोतरी की गई है जिससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के दौरान 400 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा दी जा रही थी जबकि वर्तमान सरकार में लोगों को बढ़े हुए बिजली बिलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश में उपभोक्ताओं के घरों में जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं और इनके लगने के बाद सामान्य से अधिक बिजली खपत दर्ज होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों को इस मुद्दे पर जागरूक करेंगे और उनकी शिकायतें दर्ज करेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने बिजली बिल हाफ योजना बंद कर दी है। साथ ही केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के बयान का हवाला देते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि यदि स्मार्ट मीटर वैकल्पिक हैं तो छत्तीसगढ़ में इन्हें अनिवार्य रूप से क्यों लगाया जा रहा है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि महंगी बिजली और स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC चीफ) के पद को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। मीडिया से बातचीत में अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस में गुटबाजी कोई नई बात नहीं है। उनके अनुसार पार्टी के भीतर नेताओं के बीच लगातार खींचतान और विवाद की स्थिति बनी रहती है। डिप्टी सीएम ने तंज कसते हुए कहा कांग्रेस में लड़ाई-झगड़ा चलता ही रहेगा। कभी कुर्सी के लिए तो कभी आपस में लड़ते रहेंगे। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेलवे विकास का स्वर्णिम दौर चल रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कई नई रेल परियोजनाओं और रेल लाइनों के विस्तार को मंजूरी मिली है जिससे आने वाले समय में कनेक्टिविटी मजबूत होगी और विकास को नई गति मिलेगी। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता सुशासन और पारदर्शिता है। उन्होंने बताया कि प्रशासनिक व्यवस्था में आवश्यक सुधार और बदलाव किए जा रहे हैं ताकि आम जनता को सरकारी सेवाओं का त्वरित और बेहतर लाभ मिल सके।