सर्राटी जलाशय नहर की दुर्दशा पर कांग्रेस ने उठाए सवाल उच्चस्तरीय जांच की मांग शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर पर लालबर्रा में जश्न छात्र और कांग्रेसी सड़कों पर उतरे कारगिल विजय दिवस पर एनसीसी कैडेटों ने दी वीर शहीदों को श्रद्धांजलि जिले में अल्प वर्षा की स्थिति के बीच जिला कांग्रेस समन्वय समिति के सदस्य ज्ञानचंद शर्मा और जिला कांग्रेस सचिव भाऊराम गाड़ेश्वर ने रविवार को सर्राटी जलाशय की दाईं और बाईं तट नहर का निरीक्षण किया। निरीक्षण में हाल ही में करोड़ों रुपये की लागत से हुए सीमेंटीकरण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठे। नेताओं ने आरोप लगाया कि बोर्ड पर कार्य पूर्ण दर्शाया गया है जबकि धरातल पर नहर कई स्थानों से जर्जर टूटी और क्षतिग्रस्त मिली। कई जगह मिट्टी बह चुकी है और बड़े पाइप लावारिस पड़े हैं। कांग्रेस नेताओं ने इसे निर्माण में लापरवाही बताते हुए कलेक्टर से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करने की बात कही। लालबर्रा में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आते ही छात्र युवा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खुशी जताते हुए बस स्टैंड परिसर में एकत्र होकर जश्न मनाया। इससे पहले 22 जुलाई को प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक धांधली और शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं के विरोध में छात्रों ने मंडी परिसर में चार घंटे का सांकेतिक धरना दिया था। प्रदर्शन के दौरान शिक्षा मंत्री का प्रतीकात्मक पुतला दहन कर इस्तीफे की मांग उठाई गई थी। 25 जुलाई की शाम इस्तीफे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की। प्रदर्शनकारियों ने इसे छात्रों के संघर्ष और जनदबाव की जीत बताते हुए शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग दोहराई। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर पीएम श्री महाविद्यालय बालाघाट की राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) इकाई द्वारा वीर शहीदों की स्मृति में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम प्राचार्य प्रो. अशोक कुमार मराठे के संरक्षण एवं 6 एमपी बटालियन एनसीसी के कमान अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल विनीत कमल गुप्ता के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। एनसीसी अधिकारी डॉ. गजानन कटरे के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में सीक्यूएमएस आदर्श कुर्वे ने कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों के अदम्य साहस शौर्य और सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए कैडेटों को राष्ट्रसेवा का संदेश दिया।