जंतर-मंतर पर भीड़ बेकाबू बैरिकेडिंग तोड़ी पुलिस का लाठीचार्ज जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों की भीड़ बेकाबू हो गई है। लोगों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। CJP का मार्च सुबह 9 बजे शुरू होना था। लेकिन बैरिकेडिंग की वजह से प्रदर्शनकारी आगे नहीं बढ़ पा रहे थे। पुलिस ने मार्च की परमिशन नहीं दी है। करीब 10 हजार प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर जुटे हैं। CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा कि हमारी ओर से कोई भी गलत काम नहीं करेगा। संसद मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा ताकि आंदोलन को बदनाम न किया जा सके। संसद का मानसून सत्र आज से संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। इसकी शुरुआत हंगामेदार रहने के आसार हैं। विपक्ष सोनम वांगचुक के अनशन NEET-UG पेपर लीक स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) महंगाई और राम मंदिर चढ़ावा चोरी समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक मानसून सत्र से एक दिन पहले रविवार को संसद भवन के एनेक्सी बिल्डिंग में सर्वदलीय बैठक हुई। 3 घंटे चली मीटिंग की अध्यक्षता राजनाथ सिंह ने की। मीटिंग में कांग्रेस सपा टीएमसी DMK सहित 40 दलों के 58 नेता शामिल हुए। हालांकि बैठक के बीच विपक्ष ने सांकेतिक वॉकआउट किया। विपक्ष इस बात से नाराज था कि सरकार ने TMC के बागी 20 सांसदों के गुट को बैठक में क्यों बुलाया जबकि स्पीकर ओम बिरला ने उनके गुट को अभी तक मान्यता नहीं दी है। पटियाला में छात्रा को पीछे से सुआ घोंपा पटियाला में दिनदहाड़े एक स्कूली छात्रा पर तेजधार सुए से हमला कर दिया गया। हमलावर पीछे से दबे पांव दौड़कर आया और गली में जा रही लड़की की टांगों के बीच सुआ मारकर तुरंत भाग गया। इसके बाद लड़की दर्द में कराहती हुई गली में ही बैठ गई।इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है जिसमें हमलावर युवक को साफ देखा जा सकता है। पुलिस का कहना है कि हमलावर को हिरासत में लिया गया है। उसके परिजन का कहना है कि युवक मानसिक रूप से बीमार है। देश के 70% हिस्से में बादल छाए इसरो की सैटेलाइट तस्वीरों के मुताबिक देश के करीब 70% हिस्से में मानसूनी बादल छाए हुए हैं। अगले 25 जुलाई तक उत्तर पूर्व और पूर्वोत्तर भारत समेत देश के 60% से ज्यादा हिस्सों में अच्छी बारिश की संभावना है। इस मानसून सीजन में देशभर में बारिश सामान्य से 24% कम हुई है। इधर यूपी में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। वाराणसी और प्रयागराज में घाटों की सीढ़ियां डूब गई हैं। काशी में दशाश्वमेध से लेकर पंचगंगा घाट तक रत्नेश्वर महादेव मंदिर समेत 40 छोटे मंदिरों में पानी घुस गया है।