नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने प्रेस वार्ता कर केन-बेतवा लिंक परियोजना में 44000 करोड़ के बड़े घोटाले का आरोप लगाया है। सिंघार ने दावा किया कि पन्ना-छतरपुर के 14 आदिवासी गांवों में बिना ग्राम सभा की अनुमति के फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन हथियाई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मुआवजे का 4500 करोड़ रुपये अपात्र लोगों को बांटा गया जबकि असली विस्थापित दर-दर भटक रहे हैं। सिंघार ने इसे चंदा और ठेके की राजनीति करार देते हुए कहा कि निर्माण कंपनी नागार्जुन ग्रुप NCC से इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए 60 करोड़ का चंदा लिया गया जिससे भोपाल में भाजपा का मुख्यालय बन रहा है। उन्होंने आदिवासियों पर पुलिसिया अत्याचार का आरोप लगाते हुए कहा कि नियमों को ताक पर रखकर 2025 में काम शुरू कर दिया गया जबकि विस्थापन प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।