छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे से जुड़े कथित गड़बड़ी के मुद्दे पर सदन में हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने स्थगन प्रस्ताव के जरिए इस विषय पर चर्चा की मांग की लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने इसे राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र से बाहर बताते हुए प्रस्ताव खारिज कर दिया। डॉ. महंत और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मामले की निष्पक्ष जांच और सदन में चर्चा की मांग की। वहीं वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि यह उत्तर प्रदेश से जुड़ा मामला है जिसकी जांच एसआईटी कर रही है इसलिए विधानसभा में इस पर चर्चा नहीं की जा सकती। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के कार्यकाल को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव उनके समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि दीपक बैज के नेतृत्व में कांग्रेस ने प्रदेश के जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाया है अटल श्रीवास्तव ने कहा कि बस्तर से लेकर रायगढ़ तक संगठन ने सड़क से सदन तक लगातार संघर्ष किया है। उनके अनुसार प्रदेश अध्यक्ष के रूप में दीपक बैज का कार्यकाल अच्छा रहा है और उन्हें उम्मीद है कि आगे भी वही संगठन का नेतृत्व करेंगे। प्रदेश में लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाकर जनता के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है। अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में छत्तीसगढ़ अपराध का गढ़ बन गया था जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कहीं भी कोई आपराधिक घटना होने पर पुलिस तत्काल कार्रवाई करती है और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाते हैं। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने विधानसभा में राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे के मुद्दे पर चर्चा की अनुमति नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि आज विधानसभा में जो हुआ वह करोड़ों राम भक्तों के लिए काला दिन है महंत ने कहा कि विपक्ष राम मंदिर के चंदे में कथित गड़बड़ी के मुद्दे पर सदन में चर्चा करना चाहता था लेकिन इसकी अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों ने भी राम मंदिर निर्माण के लिए दान दिया है इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने इस मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग भी की। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में कांग्रेस विधायक जनक ध्रुव ने प्रदेश में गांवों के बंदोबस्त का मुद्दा उठाया। उन्होंने राजस्व मंत्री से पूछा कि छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता के प्रावधानों के तहत किसी भी गांव का बंदोबस्त कितने वर्ष में किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि राज्य गठन वर्ष 2000 के बाद से अब तक कितने गांवों का बंदोबस्त नहीं हुआ है। विधायक ने जिलेवार जानकारी इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी तथा लंबित गांवों का बंदोबस्त कब तक पूरा किया जाएगा इस संबंध में भी सरकार से जवाब मांगा।