जबलपुर। लार्डगंज थाना अंतर्गत बल्देवबाग चौक पर गुरुवार देर रात पुलिस चेकिंग के दौरान हाईप्रोफाइल ड्रामा देखने को मिला। एसपी के निर्देश पर मॉडिफाइड साइलेंसर और संदिग्ध वाहनों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने संगम कॉलोनी निवासी 18 वर्षीय भावेश रजक को रोका। उसकी बाइक में प्रतिबंधित मॉडिफाइड साइलेंसर लगा था जिससे पटाखे जैसी तेज आवाजें आ रही थीं। जब पुलिस ने उसे हिदायत दी तो वह नियमों का पालन करने के बजाय पुलिसकर्मियों से ही उलझ पड़ा और बीच सड़क पर हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि सरेआम गाली-गलौज की नौबत आ गई। युवक ने कानून का खौफ भूलकर सीधे थाना प्रभारी (TI) नवल आर्य की तरफ हाथ उठाते हुए घमंडी लहजे में चुनौती दी और कहा तू जानता नहीं है मुझे मैं कौन हूँ! इस अभद्रता को देख पुलिस ने सख्त रुख अपनाया और युवक को काबू में कर उसके बाल पकड़कर जबरन पुलिस वाहन में बैठाया और थाने ले आई। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। थाने पहुंचने पर युवक के पिता ने पुलिस पर राजनीतिक धौंस जमाने और दबाव बनाने की कोशिश की लेकिन पुलिस के सख्त रवैए और कानून का पाठ पढ़ाने के आगे उनकी एक न चली। अंततः पिता ने भी बेटे की गलती स्वीकार की। लार्डगंज पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए मोटर वाहन अधिनियम के तहत नियमों की धज्जियां उड़ाने पर 5500 रुपये का भारी-भरकम चालान काटा और बाइक को जब्त कर लिया। पुलिस का कहना है कि शहर की शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। मझौली उपार्जन केंद्र में हुए कथित 1 करोड़ 36 लाख रुपये के वित्तीय घोटाले को लेकर प्रदर्शनकारियों ने जबलपुर कलेक्ट्रेट पहुंचकर जमकर विरोध जताया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जय राजपाल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने मीडिया से चर्चा में आरोप लगाया कि मामले में नामजद होने के बावजूद एनआरएलएम के पदाधिकारी श्रीप्रकाश पांडे और आनंद भास्करले सहित 12 आरोपी कथित संरक्षण के चलते अब तक गिरफ्तारी से बाहर हैं। प्रदर्शनकारियों ने वर्तमान डीपीएम अंजला झा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सतना और सिंगरौली के घोटालों में नाम आने के बाद भी वे बड़े पद पर कार्यरत हैं इसलिए तत्काल दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। जबलपुर। गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन मध्यप्रदेश ने समूह-2 उपसमूह-1 के तहत कृषि विस्तार अधिकारी भर्ती परीक्षा-2026 में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षण रोस्टर का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने की मांग की है। इस संबंध में संगठन ने कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति और मध्यप्रदेश के राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा। संगठन का आरोप है कि मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा घोषित कुल 2784 पदों में से एसटी वर्ग के लिए केवल 122 पद ही निर्धारित किए गए हैं जबकि प्रदेश में लागू 20 प्रतिशत आरक्षण के नियम के आधार पर यह संख्या लगभग 557 होनी चाहिए। यूनियन ने मांग की है कि विभागवार एवं श्रेणीवार आरक्षण रोस्टर को तत्काल सार्वजनिक किया जाए और यदि पदों के निर्धारण में बैकलॉग या कोई अन्य वैधानिक कारण है तो उसकी स्पष्ट जानकारी अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराई जाए। जबलपुर। जबलपुर डिविजनल ओफ्थैल्मिक सोसाइटी द्वारा आगामी 12 जुलाई को होटल चेतकम ITC में छठवीं वार्षिक डॉ. आर. के. मिश्रा मेमोरियल नेत्र विज्ञान कांफ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. रविन दास और सचिव डॉ. अविजित विष्णोई ने बताया कि इस वर्ष की मुख्य थीम ऑकुलोप्लास्टी है जिसके तहत देश के प्रख्यात विशेषज्ञ पलकों आंसू की नली और आंख के आसपास की मांसपेशियों व हड्डियों की आधुनिक सर्जरी पर मंथन करेंगे। म.प्र. हाईकोर्ट के माननीय जस्टिस श्री विवेक रूसिया के मुख्य आतिथ्य में सुबह 8:30 बजे दीप प्रज्वलन के साथ इस शैक्षणिक सम्मेलन की शुरुआत होगी। पूर्व अध्यक्ष डॉ. पवन स्थापक के अनुसार कांफ्रेंस में पलकों की जन्मजात विकृतियां आंख के ट्यूमर व कैंसर की समय पर पहचान और आधुनिक रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी जैसे जटिल मामलों के किफायती व सटीक समाधान पर विस्तृत चर्चा होगी। सम्मेलन में डॉ. ए. के. ग्रोवर और डॉ. नरेंद्र पाटीदार सहित कई नामचीन डॉक्टर अपने शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे जबकि युवा डॉक्टरों के सर्वश्रेष्ठ शोधपत्र को डॉ. आर. के. मिश्रा मेमोरियल अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। जबलपुर। राजस्थान में 13 वर्षीय मासूम बालिका के साथ हुई ज्यादती की घटना के विरोध में शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा मालवीय चौक पर एक विशाल कैंडल मार्च निकाला गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मृतका को श्रद्धांजलि देते हुए दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा देने की मांग की। मार्च में शामिल पूर्व विधायक विनय सक्सेना ने इस घटना को पूरे देश को शर्मसार करने वाला बताया और कहा कि ऐसे अमानवीय व जघन्य अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में त्वरित सुनवाई कर आरोपियों को मृत्युदंड देने की मांग उठाई। इस विरोध प्रदर्शन में शहर कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे। जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसले में दमोह के एक भूमि अधिग्रहण मामले में वर्ष 2015 में जारी मुआवजा अवार्ड को निरस्त कर दिया है। न्यायमूर्ति मनीन्दर एस. भट्टी की एकलपीठ ने राम कुमार गुप्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश दिया है कि मुआवजे का पुनर्निर्धारण निष्पक्ष मुआवजा एवं भूमि अधिग्रहण पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 के तहत किया जाए। याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं ने तर्क दिया था कि 1 जनवरी 2014 से नया कानून लागू होने के बाद पुराने 1894 के अधिनियम के तहत मुआवजा तय करना गलत था। कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए भूमि अधिग्रहण अधिकारी को आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने के 90 दिनों के भीतर नए कानून के प्रावधानों के अनुसार ताजा अवार्ड पारित करने के निर्देश दिए हैं। इस निर्णय से उन अन्य भू-स्वामियों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है जिनके मामलों का निपटारा नए कानून के बाद भी पुराने नियमों से किया गया था।