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अंतर्राष्ट्रीय
04-Jul-2026

निषाद पार्टी उत्तर प्रदेश के बाद अब उत्तराखंड में भी अपने पैर पैसारने शुरू कर दिए ठीक चुनाव के पहले निषाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गिरीश चैतन्य यादव ने भारतीय जनता पार्टी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को उनके पांच वर्ष के कार्यकाल पर बधाई देते हुए कहा कि पिछला 5 वर्ष उत्तराखंड के लिए बहुत महत्वपूर्ण रहा है और धामी सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जो कि मिल का पत्थर साबित होगा l चैतन्य यादव ने दूसरी तरफ कहा कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन के तहत काम कर रही है उसी तर्ज पर उत्तराखंड में भी निषाद पार्टी भाजपा को समर्थन दे रही है जनपद उत्तरकाशी में मानसून की सक्रियता के साथ ही गंगा-भागीरथी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पिछले वर्ष धराली क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा के बाद खीरगाड़ से भारी मात्रा में मलबा नदी में आने से भागीरथी का तल ऊंचा हो गया है जिससे हर्षिल क्षेत्र के पास झील जैसी स्थिति बन रही है। इसके चलते हर्षिल बागोरी गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) के पर्यटन आवास गृह तथा लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह पर खतरा बना हुआ है। पूर्व में किए गए कुछ सुरक्षात्मक कार्य तेज बहाव में क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। अब नदी किनारे स्थायी सुरक्षा के लिए आरसीसी सुरक्षा कार्य प्रस्तावित है। इसी क्षेत्र से मां गंगा के शीतकालीन प्रवास हेतु प्रस्तावित सड़क का निर्माण भी होना है। प्रशासन के अनुसार मानसून समाप्त होने के बाद इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से शुरू किया जाएगा। प्रदेश की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने विधान सभा स्थित सभागार कक्ष में सम्बन्धित अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर विभागीय योजनाओं की समीक्षा की तथा सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। मंत्री ने आंगनबाड़ी सेवाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रदेश के आंगनबाड़ी केन्द्रों में पंजीकृत सभी बच्चों का प्रत्येक माह वजन तौला जाये ताकि प्रदेश में कुपोषित एवं अतिकुपोषित बच्चों की पहचान हो सके और उन्हें केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ प्रदान कर स्वस्थ बच्चों की श्रेणी में लाया जा सकें। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की हीला हवाली न बरती जाय। वहीं मंत्री ने एफआरएस (फेसियल रिकॉगनीशन सिस्टम) के माध्यम से वितरित किये जाने वाले टीएचआर (पोषाहार) की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि पोषाहार वितरण का डेटा एफआरएस ट्रेकर में अनिवार्य रूप से भरा जाए ताकि एफआरएस ट्रेकर में प्रदेश का रिकार्ड अच्छा हो तथा प्रदेश को योजनाओं के अंतर्गत केन्द्र से समुचित बजट प्राप्त हो सके। हिमालय की गोद में बसा आदि कैलाश... जहाँ आस्था अध्यात्म और प्रकृति एक साथ साकार होते हैं कभी यह यात्रा केवल चुनिंदा श्रद्धालुओं तक सीमित थी लेकिन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों ने इसे सीमांत उत्तराखंड के विकास और धार्मिक पर्यटन की नई पहचान बना दिया है इस बदलाव की कहानी केवल दावों में नहीं बल्कि आँकड़ों में भी स्पष्ट दिखाई देती है। वर्ष 2025 के पूरे यात्रा सत्र में जहाँ 36456 श्रद्धालुओं ने आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन किए थे वहीं वर्ष 2026 में केवल दो माह के भीतर ही 52250 से अधिक श्रद्धालु इस दिव्य धाम तक पहुँच चुके हैं। यह धार्मिक पर्यटन में आई अभूतपूर्व वृद्धि का सशक्त प्रमाण है। सोशल मीडिया पर बदरीनाथ धाम में चढ़ावे और दान में कथित हेराफेरी के आरोपों के वायरल होने के बाद बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) एक्शन में आ गई है। समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मामले की निष्पक्ष और तथ्यपरक जांच के लिए एक विशेष जांच समिति का गठन कर दिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने सोशल मीडिया पर चल रहे आरोपों को बेहद गंभीरता से लिया है। मुख्य कार्याधिकारी (CEO) द्वारा दान गणना से जुड़े सभी संबंधित कर्मचारियों को स्पष्टीकरण नोटिस जारी कर दिए गए हैं। अध्यक्ष ने साफ किया है कि जांच पूरी होने तक यदि कोई भी कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कठोरतम कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। चारधाम यात्रा मार्ग पर सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए आरटीओ प्रशासन ने विशेष अभियान चलाया है। आरटीओ प्रशासन के अनुसार यात्रा मार्ग पर तैनात परिवहन टास्क फोर्स की कड़ी निगरानी में सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है।अधिकारियों ने बताया कि नौ रूटों पर विशेष दल तैनात किए गए थे साथ ही छह चेकपोस्टों पर चारधाम यात्रा में जाने वाली गाड़ियों के ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड की अनिवार्य जांच की गई। इस अभियान के तहत लगभग 3500 वाहनों का चालान किया गया और 51 वाहनों को सीज किया गया। इसमें 1000 उत्तराखंड और 2500 बाहरी राज्यों की गाड़ियां शामिल थीं।