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अंतर्राष्ट्रीय
02-Jul-2026

राजधानी रायपुर स्थित आईआईएम में 4 और 5 जुलाई को आयोजित होने वाले मंत्रियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के बीच इसे लेकर तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का समर्थन करते हुए कहा कि प्रशिक्षण और आत्मचिंतन जीवन की नियमित प्रक्रिया है। उन्होंने कहा चिंतन शिविर हो या प्रशिक्षण विमर्श और आत्मचिंतन से ही बेहतर निर्णय निकलते हैं। यदि सरकार के निर्णय लेने वाले लोग प्रशिक्षण लेते हैं तो इससे प्रदेश को लाभ मिलेगा। वहीं कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेन्द्र साहू ने कार्यक्रम पर सवाल उठाते हुए तंज कसा। उन्होंने कहा सरकार के मंत्री भ्रष्टाचार करने की ट्रेनिंग में माहिर हो गए हैं। अब विदाई के समय उन्हें किस बात की ट्रेनिंग दी जाएगी? मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक के संबंध में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने इस वर्ष के बजट में पांच प्रमुख मिशन तय किए हैं जिनमें AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) मिशन भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान समय में AI का उपयोग हर क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है। इसी को देखते हुए समीक्षा बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभावी और व्यावहारिक उपयोग पर विस्तार से चर्चा की गई। राजधानी के नकटी गांव में बेदखली और मकान तोड़े जाने के मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस के पांच विधायकों द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र लिखे जाने के बाद स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेन्द्र साहू के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि कांग्रेस नेताओं को लोगों से इतनी ही हमदर्दी है तो उनके विधायकों को विधायक आवास के लिए जमीन नहीं लेनी चाहिए और सामूहिक रूप से इसका त्याग करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक कॉलोनी का आवंटन कांग्रेस सरकार के समय हुआ था और पूरी प्रक्रिया पिछले तीन महीनों से चल रही थी लेकिन तब कांग्रेस सामने नहीं आई। उन्होंने कहा जब तक मकान नहीं टूटे कांग्रेस को गरीबों की याद नहीं आई। अब राजनीतिक लाभ लेने के लिए घड़ियाली आंसू बहाए जा रहे हैं। कांग्रेस डबल स्टैंडर्ड अपनाती है। यदि गरीबों की चिंता थी तो सत्ता में रहते हुए उन्हें पट्टे देने चाहिए थे। अब सांप निकल जाने के बाद डंडा पीटा जा रहा है। वहीं कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेन्द्र साहू ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नकटी गांव में गरीब परिवारों के मकानों पर अवैधानिक कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और पार्टी के विधायकों ने वहां आवास नहीं लेने का निर्णय लिया है। धनेन्द्र साहू ने कहा कि इस मामले में सभी दलों के विधायकों को मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार प्रभावित परिवारों को न्याय नहीं देती है तो कांग्रेस उनके साथ न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी। अल नीनो के प्रभाव से इस वर्ष मानसून कमजोर रहने की संभावना के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किसानों से मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए खेती की योजना बनाने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम विभाग पहले ही संकेत दे चुका है कि इस बार मानसून कमजोर रह सकता है। इसे देखते हुए राज्य सरकार किसानों को लगातार जागरूक कर रही है। उन्होंने कहा सरकार किसानों के साथ खड़ी है। किसानों से अपील है कि वे मानसून की स्थिति को ध्यान में रखते हुए खेती-किसानी की योजना बनाएं ताकि संभावित परिस्थितियों का बेहतर ढंग से सामना किया जा सके। भाजपा संगठन में डिजिटल सशक्तिकरण पर जोर दिया जा रहा है। इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि बदलते समय के साथ कार्यकर्ताओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा समय बुलेट ट्रेन की तरह तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। यदि हमारे कार्यकर्ता स्किल्ड नहीं होंगे तो वे लोगों की प्रभावी ढंग से मदद नहीं कर पाएंगे। मंत्री ने बताया कि पार्टी बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने का अभियान चला रही है। इसका उद्देश्य संगठन को तकनीकी रूप से मजबूत बनाना और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।