कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि जबलपुर पहुंचने से पहले इंडिगो की एक फ्लाइट में सुप्रीम कोर्ट के एक वरिष्ठ वकील के साथ एक सहयात्री ने मारपीट की और उन्हें धमकाया। इस आरोप के बाद विवाद खड़ा हो गया। तन्खा ने जबलपुर पुलिस के रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित वकील और उनके साथ मौजूद तीन साल के बच्चे को करीब चार घंटे तक खमरिया पुलिस थाने में बैठाए रखा गया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की गई कई पोस्ट में तन्खा ने दावा किया कि यह घटना उस समय हुई जब यात्री विमान से उतर रहे थे। उनके अनुसार वरिष्ठ वकील अपनी गोद में तीन साल के बच्चे को लेकर विमान से उतर रहे थे। इसी दौरान एक अन्य यात्री ने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की। वकील की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। जबलपुर के मटर और सिंघाड़ा को मिला जीआई टैग जबलपुर के दो प्रमुख कृषि उत्पाद मटर और सिंघाड़ा को भारत सरकार ने प्रतिष्ठित भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग दिया है। 26 जून को चेन्नई स्थित जीआई रजिस्ट्री ने दोनों उत्पादों को अपनी आधिकारिक जीआई जर्नल में पंजीकृत किया। इसके साथ ही देश में पहली बार किसी क्षेत्र के मटर और सिंघाड़े को यह विशेष पहचान प्राप्त हुई है। इन दोनों उत्पादों के लिए पाटन की मैकलसुता फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (एफपीओ) ने अक्टूबर 2023 और जनवरी 2024 में आवेदन किया था। कॉलेज बैग में किताबों की जगह 14.5 किलो गांजा मिला नाबालिग समेत चार तस्कर गिरफ्तार जबलपुर के अधारताल थाना पुलिस ने करौंदा बायपास के पास नशा तस्करी में शामिल एक नाबालिग समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 5 लाख रुपए कीमत का 14.5 किलो अवैध गांजा तस्करी में इस्तेमाल की जा रही दो स्कूटी और चार मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पारंपरिक सामूहिक जुलूस निकाला गया मोहर्रम की 10वीं तारीख यौमे आशूरा पर शुक्रवार को शहर में पारंपरिक सामूहिक जुलूस श्रद्धा आस्था और धार्मिक परंपराओं के साथ निकाला गया। दोपहर में नमाज अदा करने के बाद शहर के विभिन्न क्षेत्रों से ताजियों और सवारियों के जुलूस निर्धारित मार्गों से रवाना हुए और रानीताल स्थित कर्बला मैदान पहुंचे जहां धार्मिक परंपरा के अनुसार ताजियों और सवारियों को ठंडा (विसर्जित) किया गया। शहादत की याद में मनाए जाने वाले मोहर्रम के समापन अवसर पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से बाबासाहेब वालों मुजावरों और अकीदतमंदों ने अपने-अपने ईमान वाले स्थानों से सवारियां उठाईं और पारंपरिक रूप से कर्बला की ओर रवाना हुए। जुलूस के दौरान श्रद्धालु या अली या हुसैन के नारों के साथ आगे बढ़ते रहे और रास्ते में लोगों की मुरादों के लिए दुआएं भी की गईं।