मध्य प्रदेश में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद गरमाई सियासत में मुख्यमंत्री मोहन यादव के जमीन घोटाले का मुद्दा नया मोड़ ले चुका है। कांग्रेस के आक्रामक हमलों के बीच पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह का बयान एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति की ओर इशारा करता है। एक तरफ मंत्री ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने हलफनामे में अपनी संपत्ति का पूरा ब्योरा दे रखा है जिससे उनका बचाव होता दिख रहा है। वहीं दूसरी ओर उन्होंने यह भी कह दिया कि अगर कांग्रेस संतुष्ट नहीं है तो संपत्ति की जांच हो जानी चाहिए। इसे बीजेपी का डैमेज कंट्रोल और सेफ गेम माना जा रहा है। पार्टी आलाकमान के निर्देशों का पालन करते हुए मुख्यमंत्री को क्लीन चिट भी दी जा रही है तो वहीं जांच की बात कहकर भविष्य के किसी भी बड़े राजनीतिक तूफान से खुद को सुरक्षित करने का रास्ता भी निकाला जा रहा है।