जबलपुर । मध्य प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटों पर भाजपा की जीत को लेकर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने तीखा हमला बोला है। विवेक तन्खा ने इसे भाजपा की जीत मानने से इनकार करते हुए कहा कि इस चुनाव में भाजपा की नैतिकता की हार हुई है और उन्होंने यह सीट जीती नहीं बल्कि चोरी की है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने पर तन्खा ने साफ किया कि नामांकन फॉर्म में ऐसा कोई कॉलम ही नहीं था जिसमें मांगी गई जानकारी छिपाई गई हो। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी ठोस कानूनी आधार दर्ज केस या संज्ञान के ही नटराजन का पर्चा खारिज किया गया है। सांसद तन्खा ने घोषणा की है कि भाजपा की इस अनुचित जीत को कांग्रेस अदालत में कड़ी चुनौती देगी। इसके खिलाफ जल्द ही कोई प्रत्याशी या विधायक हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर करेगा जिसमें वह स्वयं पूरी कानूनी मदद और सहयोग प्रदान करेंगे। जबलपुर । विजय नगर के महाराजा अग्रसेन वार्ड वार्ड नंबर 35 स्थित विशाल शिव पार्क में पिछले चार वर्षों से संचालित हो रहे निःशुल्क योग केंद्र का मंच ध्वस्त किए जाने से योग साधकों में भारी आक्रोश है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के बीच हुई इस कार्रवाई के विरोध में योग गुरु पंडित रमाकांत पाला और यथार्थ परिवार के सैकड़ों योग साधकों ने जिलाध्यक्ष को एक शिकायती ज्ञापन सौंपा है। योग गुरु ने बताया कि इस केंद्र से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 500 से 1000 नागरिक जुड़े हुए हैं। एक तरफ जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव योग को जनआंदोलन बनाकर प्रोत्साहित कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ वर्षों पुराने योग मंच को तोड़ना जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ है। योग साधकों ने चेतावनी भरे लहजे में टूटे हुए मंच के शीघ्र पुनर्निर्माण योग गतिविधियों के लिए स्थायी व सुरक्षित स्थान सुनिश्चित करने और साधकों को धूप-बरसात से बचाने के लिए शेड की व्यवस्था करने की मांग की है। जबलपुर । पनागर तहसील की ग्राम पंचायत धरहर के अंतर्गत आने वाले ग्राम गौरहा के आदिवासी ग्रामीणों ने एकजुट होकर कलेक्ट्रेट कार्यालय में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। दुबैन सिंह मुकेश मसराम रामसिंह कुलस्ते और सुनील सिंह सहित समस्त ग्रामवासियों ने बताया कि वर्ष 2002-03 में शासन द्वारा उनके गाँव में जल संचय के लिए एक वॉटर शेड का निर्माण कराया गया था जो पिछले वर्ष टूट गया था। भीषण जल संकट को देखते हुए गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले इन आदिवासी परिवारों ने स्वयं के खर्च और श्रमदान से इसे दोबारा ठीक कराया। ग्रामीणों का आरोप है कि अब गाँव के ही कुछ दबंग तत्व इस वॉटर शेड को तोड़ने की धमकी दे रहे हैं और विरोध करने पर गाली-गलौज कर शांति व्यवस्था भंग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि इस संवेदनशील मामले की तुरंत जांच कराई जाए और धमकी देने वाले अराजक तत्वों पर सख्त कानूनी कार्रवाई कर उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए। जबलपुर । खमरिया घाना सोनपुर निवासी पीड़िता मनीषा बर्मन ने एसपी से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता ने शिकायत में बताया कि खमरिया काली बाड़ी मंदिर के सचिव अर्णव दास द्वारा लंबे समय से डरा-धमकाकर उसका शारीरिक शोषण किया जा रहा है। विरोध करने पर पीड़िता ने पहले खमरिया थाने में भी शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन पुलिस द्वारा अब तक आरोपी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। मनीषा का आरोप है कि आरोपी अर्णव दास उसे अभी भी जान से मारने की धमकियाँ दे रहा है जिससे परेशान होकर आज उसने एसपी कार्यालय पहुँचकर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है। जबलपुर । कानून और व्यवस्था के दावों के बीच आज जबलपुर कलेक्ट्रेट से ममता और बेबसी की एक ऐसी चीख सुनाई दी जिसने वहां मौजूद हर शख्स का दिल दहला दिया। घमापुर के शीतलामाई इलाके में रहने वाली एक मां और उनकी मासूम बेटी दबंगों के जुल्म और पुलिस की बेरुखी से इस कदर टूट चुकी हैं कि आज वे अपनी सुध-बुध खोकर सीधे कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के पैरों में गिर पड़ीं। घुटनों के बल बैठी बेटी की आंखों से बहते आंसू और उसकी सिसकियां चीख-चीख कर उस खौफ की कहानी बयां कर रही थीं जिसे वह पिछले चार साल से अपनी छाती में दफन किए हुए है। पीड़िता ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई कि कैसे साल 2022 से आरोपी हनी बेन उनका जीना मुहाल किए हुए है। कभी अपहरण कभी होली पर सरेराह छेड़खानी तो कभी दिव्यांग बेटी पर बेरहमी से वार। जुल्म की इंतिहा तब हो गई जब 14 जून को उनके पति को लोहे की रॉड से पीट-पीटकर अधमरा कर दिया गया जो आज अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। बेटी ने रोते हुए कहा साहब मैं पढ़-लिखकर पुलिस अफसर बनना चाहती हूं देश की सेवा करना चाहती हूं लेकिन आज अपने ही घर से निकलने में रूह कांपती है। मां-बेटी की इस बेबसी को देखकर वहां मौजूद वकीलों और आम जनता की आंखें भी नम हो गईं। इस भावुक मंजर को देखने के बाद कलेक्टर ने तुरंत घमापुर थाना प्रभारी को फोन पर कड़ी फटकार लगाई और रोती हुई मां-बेटी को सांत्वना देते हुए पूरी सुरक्षा और न्याय का भरोसा दिलाया। जबलपुर । शहर में आगामी दिनों में होने वाले तीन बड़े आयोजनों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने पत्रकार वार्ता में बताया कि 21 जून को विश्व योग दिवस के महा-आयोजन में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल होंगी जिसमें लगभग 4 हजार प्रतिभागी शिरकत करेंगे। इसके अलावा यूनिफॉर्म सिविल कोड समिति 19 जून को जबलपुर का दौरा करेगी और दोपहर 3:30 बजे संस्कृति थिएटर के पास आम नागरिकों से संवाद कर उनके सुझाव लेगी। कलेक्टर ने जनता से राज्य शासन की वेबसाइट पर भी अपने विचार साझा करने की अपील की है।इसी बीच 21 जून को ही आयोजित होने वाली नीट-2 परीक्षा में जिले के 10426 छात्र भाग्य आजमाएंगे जिसके लिए 23 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। दूर-दराज के सेंटर्स तक परीक्षार्थियों को पहुंचाने के लिए प्रशासन ने विशेष बसों की व्यवस्था की है। एसपी संपत उपाध्याय ने सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए कहा कि राष्ट्रपति के दौरे और नीट परीक्षा के मद्देनजर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि आम जनता को ट्रैफिक जाम जैसी दिक्कतों का सामना न करना पड़े। जबलपुर । अपने कारनामों से अक्सर सुर्खियों में रहने वाले मढ़ाताल स्थित अंजुमन इस्लामिया स्कूल ने इस बार सीधे सरकार के आदेश से ही पंगा ले लिया। बुधवार को महाराणा प्रताप जयंती पर जब पूरे मध्य प्रदेश में सरकारी ताला लटका था तब अंजुमन स्कूल और उसकी शाखाएं बकायदा गुलजार थीं और कक्षाएं संचालित हो रही थीं। स्कूल प्रबंधन की इस मनमर्जी की भनक जैसे ही भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा को लगी उन्होंने मौके पर पहुंचकर तगड़ा हंगामा काट दिया। खुद को घिरता देख स्कूल प्रबंधन ने आनन-फानन में पैरेंट्स को मैसेज किया और बच्चों की छुट्टी कर उन्हें घर रवाना कर दिया।हैरानी की बात तो यह है कि जब इस घोर लापरवाही पर स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगा गया तो उन्होंने यह अजीबोगरीब दलील दे डाली कि हम तो वक्फ की छुट्टियों की लिस्ट मानते हैं सरकारी आदेश से हमें क्या मतलब! हालांकि मामला बढ़ता देख और प्रशासन के डंडे के डर से उन्होंने तुरंत घुटने टेक दिए। इस पूरे हाई-वोल्टेज ड्रामे पर जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि नियम सबके लिए बराबर हैं। अंजुमन स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है और शासन के आदेश की अवहेलना करने पर उन पर तगड़ा कानूनी एक्शन लिया जाएगा।