राजस्व विभाग ने जारी की पटवारी संविलयन नीति 2026 राजस्व विभाग मध्य प्रदेश ने तबादलों की अवधि (15 जून) समाप्त होने से तीन दिन पहले शुक्रवार को पटवारियों के संविलयन की नई नीति 2026 जारी कर दी है। नई नीति में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी पटवारी की पदस्थापना उसकी गृह तहसील में नहीं की जाएगी। साथ ही नए जिले में पदस्थ होने के बाद वरिष्ठता वहीं की सीनियरिटी सूची के आधार पर तय होगी। नीति के अनुसार पटवारी का पद जिला संवर्ग का होने के कारण अलग से संविलयन नीति लागू की गई है। इसमें कहा गया है कि पटवारी परीक्षा 2022 का परिणाम घोषित होने से पहले नियुक्त हुए पटवारी ही अंतर जिला संविलयन के पात्र होंगे। हालांकि वर्ष 2022 की परीक्षा पास कर नियुक्त हुए पटवारियों को कुछ विशेष परिस्थितियों में संविलयन का लाभ मिलेगा। MP में तीसरी संतान वाला अफसर नौकरी से बर्खास्त मध्यप्रदेश में तीसरी संतान के आधार पर एक अफसर की नौकरी चली गई। आईजी पंजीयन अमित तोमर ने गुरुवार को सिंगरौली के सब रजिस्ट्रार अशोक सिंह परिहार को बर्खास्त करने का आदेश जारी किया। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उस घोषणा के 48 घंटे बाद हुई है जिसमें उन्होंने कहा था कि दो से अधिक संतान होने के आधार पर किसी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी। अफसर को बर्खास्त करने का आदेश गुरुवार को जारी किया गया। यह शुक्रवार को सामने आया। खाने में कमी निकाली तो बनाकर खिलाना पड़ेगा मध्य प्रदेश की जेलों में बंदियों के लिए लागू 58 साल पुराने नियमों में राज्य सरकार बदलाव करने जा रही है। इसके लिए 1968 से प्रभावी जेल मैन्युअल में बदलाव करते हुए जेल की टायलेट व्यवस्था भोजन पकाने कपड़े धोने सजा के आधार पर बंदियों के कैटेगराइजेशन और जेल स्वच्छता से जुड़े कई नियमों में बदलाव किया गया है। प्रावधान किया है कि अगर किसी बंदी ने भेदभाव के नजरिए से जेल में बना भोजन खाने में आपत्ति की तो जेल अफसर उस बंदी की ड्यूटी भोजन बनाने में ही लगा देंगे और उसे सभी बंदियों के लिए खाना पकाना होगा। जेल विभाग के संशोधित नियमों के अनुसार दोषसिद्ध कैदियों को अब दो कैटेगरी में रखा जाएगा। पहला आदतन (आभ्यासिक) अपराधी और दूसरा गैर-आदतन (अनाभ्यासिक) अपराधी माना जाएगा। नियमों में स्पष्ट किया है कि कोई बंदी यदि लगातार पांच वर्षों की अवधि में अलग-अलग मौके पर एक या एक से अधिक अपराधों के लिए दो से अधिक बार सजा पा चुका है और उस सजा को अपील या पुनर्विचार में निरस्त नहीं किया गया है तो उसे आदतन अपराधी माना जाएगा। लाश के लिए बना इंजेक्शन बच्चे को लगाया मौत एम्स भोपाल में इलाज करा रहे 3 साल के कैंसर पीड़ित बच्चे की मौत अस्पताल स्टाफ की गंभीर लापरवाही से हो गई। जांच में सामने आया है कि बच्चे को दवा की जगह गलती से फॉर्मेलिन इंजेक्ट कर दिया गया। फॉर्मेलिन वही खतरनाक रसायन है जिसका इस्तेमाल मेडिकल संस्थानों में बायोप्सी सैंपल और शवों के संरक्षण के लिए किया जाता है। इंजेक्शन लगाते समय बच्चे के पिता ने तीन बार नर्स को चेतावनी दी थी कि सिरिंज में सही दवा नहीं है लेकिन उनकी बात अनसुनी कर दी गई। मामले में दो नर्सिंग ऑफिसर्स के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। सागर जिले के बीना तहसील के ग्राम कौरजा निवासी सार्थक यादव (3) ब्लड कैंसर से पीड़ित था। उसे 15 दिसंबर 2025 को गंभीर हालत में एम्स भोपाल के पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती कराया गया था। 5 जिलों में आज तेज आंधी 33 में बारिश दक्षिण-पश्चिम मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। ऐसे में अनुमान है कि मध्य प्रदेश में मानसून 15 से 18 जून के बीच एंटर हो सकता है। इससे पहले प्रदेश में प्री-मानसून की एक्टिविटी जारी है। तेज आंधी बारिश के साथ ओले भी गिर रहे हैं। शुक्रवार को श्योपुर में आंधी ने तबाही मचाई। अलग-अलग हादसों में 4 लोगों की मौत हो गई। जिले में करीब एक इंच पानी गिर गया। सागर में आधा इंच पानी गिरा। जबलपुर नरसिंहपुर सिवनी समेत कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर रहा। तापमान में गिरावट देखने को मिली। हालांकि जून की बारिश में प्रदेश पिछड़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक औसत से 23 प्रतिशत बारिश कम हुई है। पूर्वी हिस्से जैसे- जबलपुर रीवा शहडोल और सागर संभाग के जिलों में औसत से 55% कम जबकि पश्चिमी हिस्से- भोपाल इंदौर उज्जैन ग्वालियर चंबल और नर्मदापुरम संभाग में औसत से 2% बारिश ज्यादा हुई है।