भेड़ाघाट के ऐतिहासिक क्रिकेट स्टेडियम मैदान को मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा स्थायी हेलीपैड और हेलीकॉप्टर पार्किंग में तब्दील करने की तैयारियों के खिलाफ स्थानीय नागरिकों और खिलाड़ियों में भारी आक्रोश पनप रहा है। क्षेत्रीय जनों ने इस तानाशाही फैसले के खिलाफ सीधे कलेक्टर महोदय को ज्ञापन सौंपकर इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि पूरे भेड़ाघाट क्षेत्र में खेल-कूद और सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए यही एकमात्र बड़ा मैदान बचा है जहाँ हर दिन दर्जनों युवा क्रिकेट खेलते हैं और बुजुर्ग स्वास्थ्य लाभ लेते हैं। यदि यहाँ पर हेलीकॉप्टर की पार्किंग शुरू हो गई तो आम जनता और खिलाड़ियों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित हो जाएगा।शिकायत पत्र में इस बात का भी सनसनीखेज खुलासा किया गया है कि वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना के तहत इसी मैदान के कायाकल्प के लिए सरकार द्वारा एक करोड़ से अधिक की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई थी। इस बजट से मैदान की लेवलिंग पवेलियन भवन दर्शकों के बैठने की व्यवस्था और बाउंड्री वॉल जैसे बड़े निर्माण कार्य कराए जा चुके हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जनता के टैक्स के करोड़ों रुपए से तैयार किए गए खेल स्टेडियम को अब पर्यटन विभाग चंद रसूखदार पर्यटकों की सैर-सपाटे के लिए उजाड़ने पर तुला है। जबलपुर। शहर की बदहाल और जर्जर सड़कों को लेकर जनता का गुस्सा अब सातवें आसमान पर पहुंच चुका है। इसी कड़ी में आज ग्वारीघाट रेत नाका पर कांग्रेसियों ने नगर निगम प्रशासन और सरकार के खिलाफ एक बेहद अनोखा और तीखा प्रदर्शन किया। ग्वारीघाट क्षेत्र की खस्ताहाल सड़कों और गड्ढों से त्रस्त होकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने न केवल चक्काजाम जैसी स्थिति निर्मित की बल्कि अपना आक्रोश जाहिर करते हुए प्रदेश के कद्दावर मंत्री राकेश सिंह जबलपुर महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नूऔर नगर निगम कमिश्नर की छायाप्रति पर काजल पोत दी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शहर के विकास का दावा करने वाले इन जिम्मेदार चेहरों ने जनता को सिर्फ और सिर्फ गड्ढे और धूल उपहार में दी है।इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों ने प्रशासनिक सुस्ती पर करारा तंज कसते हुए मुख्य मार्ग के बीचों-बीच बने बड़े-बड़े गड्ढों में बेशर्म के पौधे रोप दिए। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बार-बार ध्यान आकर्षण कराने के बाद भी जिम्मेदार कुंभकर्णी नींद सो रहे हैं इसलिए यह बेशर्म के पौधे इस बात का प्रतीक हैं कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि जनता की दिक्कतों को लेकर पूरी तरह बेशर्म हो चुके हैं। प्रदर्शन के दौरान स्थानीय राहगीर और नागरिक भी कांग्रेसियों के साथ सुर में सुर मिलाते नजर आए जबलपुर। गौर पुलिस चौकी के अंतर्गत ग्राम गौर कुडरिया में बुधवार सुबह बिजली विभाग की लापरवाही के कारण एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। यहाँ घर के बाहर खेल रहे एक 7 वर्षीय मासूम बच्चे की बिजली के पोल से फैले करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। इस भीषण हादसे के बाद जहां पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है वहीं पूरे गांव में बिजली विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मर्ग कायम किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाकर मामले को जांच में लिया है।पुलिस के अनुसार ग्राम गौर कुडरिया निवासी संदीप कनौजिया का मासूम बेटा श्लोक सुबह अपने दोस्तों के साथ घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान वह सड़क किनारे लगे एक विद्युत पोल के पास चला गया। पोल को मजबूती देने के लिए जमीन से बांधकर लगाए गए लोहे के सपोर्टिंग तार में पहले से ही तेज करंट दौड़ रहा था। अनजाने में मासूम श्लोक ने जैसे ही उस जानलेवा तार को छुआ जबलपुर। जबलपुर की कानून-व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त और हाईटेक बनाने के लिए ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया ने एक बेहतरीन पहल की है। ओएफके प्रशासन ने अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी स्कीम के तहत जबलपुर पुलिस विभाग को दो बुलेरो कार और आठ एक्टिवा स्कूटी गाड़ियां सौंपी हैं। पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय और ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में इन वाहनों को पुलिस बेड़े में शामिल किया गया। इस खास मौके पर पुलिस विभाग के एडिशनल एसपी स्तर के अधिकारियों सहित ओएफके के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।खमरिया फैक्ट्री के अधिकारियों ने बताया कि इन आधुनिक वाहनों को पुलिस विभाग को सौंपने का मुख्य उद्देश्य शहर में सुरक्षा और गश्त व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करना है ताकि पुलिस बल त्वरित गति और तत्परता के साथ अपनी ड्यूटी निभा सके। इन नए वाहनों की मदद से तंग गलियों से लेकर मुख्य मार्गों तक पुलिस की पहुंच अब और आसान हो जाएगी। पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने ओएफके प्रबंधन की इस सराहनीय पहल का आभार व्यक्त करते हुए जबलपुर। बेलखेड़ा थाना क्षेत्र के पिपरिया कला गांव में दबंगों की मारपीट से घायल एक युवक की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई जिसके बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने शव को थाने के मुख्य गेट के सामने रखकर भोपाल-जबलपुर हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। मृतक उमेश सिंह के परिजनों ने स्थानीय पुलिस पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। परिजनों का आरोप है कि सोमवार की रात जब उमेश सिंह दबंगों के हमले में लहुलूहान होकर न्याय की उम्मीद में थाने पहुंचा था तो पुलिस ने उसकी रिपोर्ट लिखने या अस्पताल भेजने के बजाय उसे करीब तीन घंटे तक लॉकअप में बंद करके रख दिया। समय पर इलाज न मिलने के कारण उमेश की हालत और बिगड़ गई और अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया।हाईवे पर शव रखकर किए जा रहे इस उग्र प्रदर्शन के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। ग्रामीणों का आक्रोश और माहौल की संवेदनशीलता को देखते हुए बेलखेड़ा थाने को छावनी में तब्दील कर दिया गया है जहां सुरक्षा के लिहाज से कई थानों का भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रदर्शनकारी पीड़ित परिवार को आर्थिक मुआवजा देने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और लापरवाह थाना स्टाफ पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें सस्पेंड करने की मांग पर अड़े हुए हैं। मौके पर मौजूद पुलिस के आला अधिकारी ग्रामीणों को समझाने और मामला शांत कराने का प्रयास कर रहे हैं। जबलपुर । राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में आज जबलपुर तहसील कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। नगर एवं ग्रामीण अध्यक्ष सौरभ शर्मा और संजय यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेसी दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक गांधीवादी तरीके से धरने पर बैठे रहे। कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई को लेकर निर्वाचन आयोग और सत्तापक्ष के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई। धरने में शामिल पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भाजपा की तुलना कचरे से करते हुए कहा कि कचरे पर कितनी भी चांदी की वर्क लगा ली जाए वह मिठाई नहीं बन सकता। घनघोरिया ने आरोप लगाया कि भाजपा देश के लोकतंत्र और संविधान की धज्जियां उड़ा रही है। संख्या बल के हिसाब से कांग्रेस के पास एक सीट का स्पष्ट बहुमत था लेकिन भाजपा ने द्वेषवश तीसरा उम्मीदवार खड़ा किया और जब बात नहीं बनी तो घिनौना कृत्य करते हुए नामांकन निरस्त करवा दिया। विधायक घनघोरिया ने आगे कहा कि मीनाक्षी नटराजन ने अपना पूरा जीवन महिला सशक्तिकरण के लिए समर्पित कर दिया है लेकिन भाजपा ने एक नारी के हक पर कुठाराघात किया है। उन्होंने निर्वाचन अधिकारी के फैसले को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि यह कार्रवाई या तो ज्ञान की कमी को दर्शाती है या फिर सरकार की हठधर्मिता को। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि सरकार हर चीज पर एकाधिकार चाहती है लेकिन वे भूल रहे हैं कि अहंकार तो रावण का भी नहीं टिका था।