बालाघाट. जिले के लालबर्रा क्षेत्र के ग्राम डोंगरिया में अवैध उत्खनन और शासकीय भूमि पर कब्जे का बड़ा खेल सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि वर्षों से चल रहे इस कथित गोरखधंधे पर प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।ग्राम डोंगरिया में पूर्व सरपंच लिखनलाल बिसेन और उनके पुत्र क्षमाशंकर बिसेन पर अवैध उत्खनन और प्लाटिंग का संगीन आरोप लगा है। शिकायतकर्ता ग्रामीणों के अनुसार हाईवे किनारे जमीनों पर बिना अनुमति और बिना रॉयल्टी के बड़े पैमाने पर मिट्टी भराई और प्लाटिंग का काम धड़ल्ले से जारी है जिससे शासन को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है। ग्राम की पहाडिय़ों में भी अवैध खनन किया गया है। एक तालाब में भी वर्तमान में जेसीबी और डंपरों से खनन जारी है जिससे पर्यावरण और जल स्रोतों पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्यवाही की मांग की है। बालाघाट. शहर के व्यस्ततम हनुमान चौक और सर्किट हाउस मार्ग क्षेत्र को जलभराव की समस्या से स्थायी राहत दिलाने के लिए नगर पालिका परिषद द्वारा लगभग ढाई करोड़ रुपये की व्यापक कार्ययोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। नगर पालिका अध्यक्ष भारती सुरजीत सिंह ठाकुर ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर निर्माणाधीन कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान नपाध्यक्ष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुरक्षा और तकनीकी मानकों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नगर पालिका अध्यक्ष ने बताया कि हनुमान चौक क्षेत्र में पुराने जल निकासी मार्गों को पुनर्जीवित किया जा रहा है साथ ही नए डायवर्टेड नालों का निर्माण कर उन्हें स्टेशन क्षेत्र से जोड़ा जा रहा है ताकि वर्षा के दौरान जल निकासी सुचारू रूप से हो सके। इसके अलावा नालों और नालियों की नियमित सफाई भी सुनिश्चित की जा रही है।नपाध्यक्ष ने बताया कि कार्य में पूर्व में हुई देरी को लेकर नगर पालिका की पीआईसी बैठक में संबंधित ठेकेदार पर एक लाख रुपये की पेनल्टी लगाई जा चुकी है। अब कार्य को तय समयसीमा में पूर्ण करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। बालाघाट. जिले के ग्राम पंचायत बटुआ के ग्राम बरखेड़ा के वार्ड नंबर 17 में पानी संकट भयावह रूप ले चुका है। हालात इतने बदतर हैं कि आदिवासी ग्रामीणों को दो किलोमीटर दूर से गंदा और दूषित पानी लाकर पीना पड़ रहा है जबकि जिम्मेदार सिस्टम पूरी तरह नाकाम नजर आ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार जल निगम के देवसर्रा प्लांट से पानी सप्लाई के लिए पाइपलाइन तो बिछाई गई लेकिन ऊंचाई पर बसे इलाके में आज तक पानी नहीं पहुंच पाया। नतीजा—पूरी व्यवस्था सिर्फ कागजों में सिमटकर रह गई है।ग्रामीणों ने मांग की है कि पानी के संकट को दूर कर उनकी समस्याओं का निराकरण किया जाए। महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी जननायक बिरसा मुंडा की शहादत दिवस हर वर्ष ९ जून को पूरे देश में मनाई जाती है। इसी कड़ी में शहर मुख्यालय स्थित बिरसा मुण्डा चौक में आदिवासी समाज व बिरसा बिग्रेड एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा बिरसा मुंडा का शहादत दिवस मनाया गया। इस अवसर पर उपस्थित पदाधिकारियों ने बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण व पूजन कर उनकी शहादत को याद करते हुए उनके बताए मार्गो पर चलने का संकल्प लिया। तत्पश्चात सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा रानी दुर्गावती चौक में पौधरोपण किया गया।