मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में विकास कृषि ऊर्जा परिवहन और खनन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने निर्णयों की जानकारी देते हुए कहा कि इन फैसलों का सीधा प्रभाव आम जनता और विभिन्न क्षेत्रों पर पड़ेगा। बैठक में सबसे अहम निर्णय छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी से जुड़ा रहा जिसके तहत कंपनी का प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। सरकार का मानना है कि इस कदम से पावर सेक्टर में निवेश बढ़ेगा और कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए भी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। धान के अलावा अन्य फसलों की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की योजना को स्वीकृति दी गई है। इस कदम का उद्देश्य फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना और कृषि पर एकल निर्भरता को कम करना बताया गया है।राशन व्यवस्था से जुड़े निर्णय में सरकार ने राज्य के राशन कार्डधारियों को पहले की तरह चना वितरण जारी रखने का फैसला लिया है जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत मिलेगी।शहरी परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए रायपुर दुर्ग-भिलाई बिलासपुर और कोरबा में कुल 240 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की मंजूरी दी गई है। इस निर्णय से न केवल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में सुधार होगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े निर्णय में योग विषय को चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लाने का फैसला लिया गया है ताकि योग शिक्षा और प्रशिक्षण को अधिक व्यवस्थित और संस्थागत रूप दिया जा सके। नवा रायपुर में निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए स्टाम्प ड्यूटी में दी जा रही छूट की अवधि 31 मार्च 2028 तक बढ़ा दी गई है। इससे क्षेत्र में निवेश और संपत्ति लेन-देन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।खनन और परिवहन क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के लिए भी कैबिनेट ने सख्त कदम उठाए हैं। अब खनिज परिवहन करने वाले वाहनों में RFID टैग और ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य किया जाएगा जिससे अवैध खनन और परिवहन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही अवैध खनन पर नियंत्रण के लिए संबंधित नियमों में संशोधन को भी मंजूरी दी गई है। सरगुजा संभाग के प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी द्वारा अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज को लेकर दिए गए बयान पर पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कड़ा पलटवार किया है।सिंहदेव ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना और संचालन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुआ था। भवन निर्माण के दौरान बजट से अधिक खर्च के बावजूद संस्थान को शुरू कराया गया और सुपर स्पेशलिटी व पीजी पाठ्यक्रम भी शुरू किए गए जिसमें करीब 48–49 पीजी सीटों की स्वीकृति शामिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार कई वर्षों से सत्ता में होने के बावजूद अस्पताल से जुड़े कई कार्य और टेंडर प्रक्रियाएं पूरी नहीं कर पाई है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रभारी मंत्री स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए पहल करते हैं तो कांग्रेस उसका स्वागत करेगी।सिंहदेव ने अंत में कहा कि अंबिकापुर और सरगुजा क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए राजनीति से ऊपर उठकर काम करने की जरूरत है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने चार दिवसीय बस्तर दौरे के दौरान विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सड़क पुल अमृत मिशन और जल जीवन मिशन के कार्यों को तेज गति से पूरा करने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभाव कम होने के बाद बस्तर क्षेत्र में विकास कार्यों में तेजी आई है और धरातल पर सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है। अरुण साव ने बताया कि अब अंदरूनी इलाकों में लोग देर रात तक निर्बाध आवाजाही कर पा रहे हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।उन्होंने कहा कि दौरे के दौरान कई नई जानकारियां मिली हैं जिनके आधार पर लंबित परियोजनाओं को और तेज किया जाएगा तथा विकास कार्यों में गति लाई जाएगी। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बस्तर में खेल और खिलाड़ियों को लेकर चल रही गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।उन्होंने बताया कि बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन लगातार कराए जा रहे हैं और खेल गतिविधियों को गांव तथा विकासखंड स्तर तक विस्तार दिया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को खेलों के माध्यम से समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने किरंदुल-सुकमा मार्ग पर आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों से मुलाकात भी की और उनके उत्साह की सराहना की। अरुण साव ने कहा कि बस्तर के युवाओं में खेलों को लेकर जबरदस्त उत्साह है और इसी को ध्यान में रखते हुए खेल अधोसंरचना और स्टेडियम निर्माण के कार्य तेज गति से किए जा रहे हैं। सरकार का फोकस खिलाड़ियों को बेहतर अवसर और सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है। राजधानी रायपुर के वीआईपी चौक स्थित राम मंदिर के पास इंडियन ऑयल के मुख्य कार्यालय के गेट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान प्रवेश द्वार को अवरुद्ध कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी का विरोध जताया गया। प्रदर्शन में शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष कुमार मेमन पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा विकास उपाध्याय पूर्व महापौर प्रमोद दुबे सहित महिला कांग्रेस की सदस्य भी शामिल रहीं।कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लगातार महंगाई बढ़ा रही है और आम जनता पर आर्थिक बोझ डाल रही है। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष कुमार मेमन ने कहा कि हाल ही में रसोई गैस के दामों में 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई है जबकि इससे पहले भी 60 रुपये की वृद्धि की जा चुकी है। उन्होंने इसे जनता पर “लगातार आर्थिक प्रहार” बताया।