100 वर्ष पुराना तालाब निगल गए भू-माफिया! खड़ी कर रहे अवैध कॉलोनी पानी में बहा भ्रष्टाचार का स्टॉप डेम घोटाले पर पर्दा डालने फिर से किया जा रहा निर्माण महंगाई का गैस बम! 29 रुपए बढ़े सिलेंडर के दाम अब 966 रुपए में मिलेगा सिलेंडर जिले के लालबर्रा क्षेत्र के डोंगरिया गांव में भू-माफियाओं द्वारा सरकारी तालाब पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब सौ वर्ष पुराने और सात एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैले उमरिया तालाब को मिट्टी डालकर पाट दिया गया और उस पर अवैध प्लॉटिंग कर प्लॉट बेच दिए गए। बताया जा रहा है कि तालाब का लगभग पचानवे प्रतिशत हिस्सा बेचा जा चुका है। रविवार को ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। जनपद सदस्य प्रतिनिधि बाबूलाल भगत और पूर्व सरपंच लिख्खन बिसेन ने आरोप लगाया कि दीपचंद टेंभरे ने तालाब पाटकर प्लॉटिंग की है। एसडीएम कार्तिकेय जायसवाल ने मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। बालाघाट में दानवीर स्वर्गीय मोहनलाल माहेश्वरी की करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति पर अवैध प्लॉटिंग का मामला सामने आया है। आरोप है कि उनकी रजिस्टर्ड वसीयत के विपरीत कार्रवाई कर भूमि का नामांतरण रिश्तेदारों के नाम कर दिया गया। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि तत्कालीन तहसीलदार नितिन कुमार चौधरी वर्तमान एसडीएम गोपाल सोनी तथा तत्कालीन मंत्री रामकिशोर कांवरे सहित कुछ प्रभावशाली लोगों ने पद और प्रभाव का दुरुपयोग किया। बाद में उक्त भूमि को खरीदकर उस पर कॉलोनी विकसित की गई। मामले में अनिल कुमार कांकरिया के विरुद्ध भी आदेश पारित किए गए थे। शिकायतकर्ताओं ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। जिले में वन विभाग के कथित भ्रष्टाचार की एक और परत सामने आई है। दक्षिण सामान्य वनपरिक्षेत्र लामता के कटंगनाला में करीब आठ लाख रुपए की लागत से बना स्टॉप डेम पहली ही बारिश में बह गया। यह निर्माण वर्ष दो हजार चौबीस-पच्चीस की कार्ययोजना के तहत कराया गया था। निर्माण कार्य पच्चीस फरवरी दो हजार पच्चीस को शुरू होकर बाईस मार्च को पूर्ण घोषित कर दिया गया था। अब उसी स्थान पर डेम का दोबारा निर्माण कराया जा रहा है लेकिन इसकी राशि को लेकर विभाग स्पष्ट जवाब नहीं दे रहा। डीएफओ रेशम सिंह धुर्वे ने मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। महंगाई की मार झेल रहे आम लोगों को एक और बड़ा झटका लगा है। घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में फिर बढ़ोतरी कर दी गई है जिससे रसोई का बजट और प्रभावित हो गया है। बालाघाट जिले में अब घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत करीब नौ सौ पैंसठ रुपये पचास पैसे हो गई है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने सिलेंडर पर उनतीस रुपये की बढ़ोतरी की है। इससे पहले मार्च महीने में भी साठ रुपये दाम बढ़ाए गए थे। नई दर लागू होने से पहले सिलेंडर नौ सौ छत्तीस रुपये पचास पैसे में मिल रहा था। लगातार बढ़ती कीमतों से मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों की चिंताएं बढ़ गई हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि रसोई गैस के बढ़ते दाम घरेलू खर्चों पर अतिरिक्त बोझ डाल रहे हैं। जिले में किसानों के साथ ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। कृषि विभाग ने अवैध रूप से धान बीज बेचने वाले तीन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। अनुविभागीय कृषि अधिकारी एवं बीज निरीक्षक बैहर एस.आर. धुर्वे के अनुसार भिकेवाड़ा निवासी सानू पटले भंडेरी निवासी पलक बिसेन और भोरवाही निवासी कुंजेलाल हिरवाने किसानों को बिना अनुमति और आवश्यक दस्तावेजों के धान बीज बेच रहे थे। जांच में पता चला कि आरोपी कृषक साथी एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर विभिन्न कंपनियों के बीज का अवैध विक्रय कर रहे थे। भंडेरी गोहारा कासीटोला समेत कई गांवों में घूम-घूमकर किसानों को बीज बेचा गया। कृषि विभाग की शिकायत पर बैहर थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। शहर के वार्ड नंबर बाईस स्थित गोंदिया रोड पर दमाहे डेयरी के समीप हो रहे नाली निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर वार्ड पार्षद मनीष नेमा ने नाराजगी जताई है। निरीक्षण के दौरान पार्षद ने पाया कि नाली निर्माण में लोहे की सरिया की जाली महिला मजदूरों से बंधवाई जा रही थी जबकि यह कार्य कुशल मिस्त्री या लोहार द्वारा किया जाना चाहिए। पार्षद ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए तत्काल काम रुकवा दिया और ठेकेदार को निर्देश दिए कि गलत तरीके से बंधी लोहे की जाली को हटाकर नियमानुसार दोबारा बांधा जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गुणवत्तापूर्ण निर्माण नहीं किया गया तो मामले की शिकायत कलेक्टर से की जाएगी। स्थानीय नागरिकों ने भी बेहतर निर्माण की मांग की है।