ग्वारीघाट रोड निवासी और पीपल पीस फाउंडेशन की संचालिका अमरप्रीत कौर चीमा ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। अमरप्रीत कौर ने बताया कि नर्मदा एवेन्यू अपार्टमेंट में एक डॉग ने छह पिल्लों को जन्म दिया था जिन्हें अपार्टमेंट के कुछ लोगों ने बोरी में भरकर कहीं फेंक दिया। फाउंडेशन की टीम ने काफी मशक्कत के बाद चार पिल्लों को तो सुरक्षित ढूंढ निकाला लेकिन दो का अब तक पता नहीं चला है। जब अमरप्रीत कौर इस अमानवीय कृत्य का विरोध करने और सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइंस का हवाला देने अपार्टमेंट पहुंचीं तो वहां के निवासी जितेंद्र मखीजा ने उनके साथ बेहद अभद्र व्यवहार किया।शिकायत के मुताबिक जब समाज सेविका स्थानीय पत्रकारों को साथ लेकर दोबारा वहां पहुंचीं तो खुद को कथित पत्रकार बताने वाले जितेंद्र मखीजा ने उन सभी के साथ भी बदसलूकी कीता ने एसपी से अपनी सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाने वाले आरोपी जितेंद्र मखीजा के खिलाफ तत्काल सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। पाटन थाना अंतर्गत ग्राम खमदेही में हुए कथित गोलीकांड में एक नया मोड़ आ गया है। मामले में नामजद किए गए किसान रामनारायण पटेल ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एक शिकायती आवेदन सौंपा है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। किसान ने खुद को पूरी तरह बेगुनाह बताते हुए आरोप लगाया कि उसे एक सोची-समझी साजिश के तहत इस मामले में घसीटा जा रहा है जबकि उसका इस पूरी घटना से कोई लेना-देना नहीं है। रामनारायण पटेल के अनुसार उनकी जमीन को लेकर पाटन न्यायालय में दीवानी मुकदमा चल रहा है। पिछले साल जून 2025 में गांव के उपसरपंच संग्राम सिंह लोधी और उनके कर्मचारी धर्मेंद्र रैकवार ने उनकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की थी जिसकी शिकायत उन्होंने थाने में भी की थी। नर्मदा नदी के तटीय क्षेत्रों में चल रहे अवैध रेत खनन के खिलाफ जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। जबलपुर के एसडीएम अभिषेक सिंह ठाकुर ने बताया कि कलेक्टर के विशेष निर्देशों के तहत नर्मदा किनारे अवैध गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। इसी दौरान मुखबिर से मिली गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने जबलपुर तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम पहोरी में छापेमारी की। मौके पर भारी मात्रा में रेत का अवैध भंडारण पाया गया जिसे प्रशासनिक टीम ने तुरंत नष्ट कर दिया। नष्ट की गई रेत लगभग 3 से 4 डंपर बताई जा रही है। एसडीएम के अनुसार इस कार्रवाई के दौरान मौके से कोई नाव या डंपर जैसी मशीनरी तो बरामद नहीं हुई है लेकिन अवैध खनन के इस खेल में शामिल कुछ संदिग्धों के नाम सामने आए हैं। फिलहाल प्रशासन इन नामों की बारीकी से पुष्टि कर रहा है और सच्चाई प्रमाणित होते ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नर्मदा नदी के संरक्षण और अवैध खनन को रोकने के लिए भविष्य में भी ऐसी सख्त जब्ती और नष्टीकरण की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।