कौशल विकास एवं सेवायोजन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में विभाग के अन्तर्गत प्रदेश में संचालित आईटीआई में छात्र संख्या और सुविधाओं को बढ़ाने को लेकर विस्तृत समीक्षा की। मंत्री सौरभ बहुगुणा ने आगामी भर्ती सत्र को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में स्थित आईटीआई में छात्र संख्या बढ़ाने पर जोर दिया। कहा कि आगामी भर्ती सत्र को ध्यान में रखते हुए कौशल विकास विभाग की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए जिससे कि छात्र विभागीय योजनाओं का लाभ उठाते हुए दक्षता हासिल कर सकें। कहा कि प्रदेश के देहरादून के निरंजनपुर श्रीनगर और अल्मोड़ा स्थित आईटीआई में टीवीएस कम्पनी के सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस का उद्घाटन किया जायेगा। इसके साथ मंत्री सौरभ बहुगुणा ने यह भी कहा कि प्रदेश के 32 आईटीआई डीएसटी मॉडल में चल रहे थे जहां छात्र 6 माह सम्बन्धित आईटीआई और 6 माह कम्पनी में प्रशिक्षण प्राप्त करेगें उन आईटीआई की संख्या बढ़ाकर 45 करने जा रहे हैं। कहा कि प्रदेश में कौशल विकास और सेवायोजन विभाग नए 168 आईटीआई प्रशिक्षकों की तैनाती भी करने जा रहे हैं। देहरादून शहर की पेयजल आपूर्ति को मजबूत करने के लिए सॉन्ग नदी पर बनाए जा रहे बांध को लेकर टिहरी जनपद के प्रभावित ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। जौनपुर विकासखंड के प्रभावित गांवों के लोगों ने अपनी मांगों को लेकर जिलाधिकारी टिहरी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो एक सप्ताह बाद आंदोलन शुरू कर निर्माण कार्य बंद कर दिया जाएगा।सॉन्ग बांध प्रबंधन समिति के बैनर तले आज प्रभावित ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल नई टिहरी पहुंचा और जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना से उनके गांव प्रभावित हो रहे हैं लेकिन लंबे समय से प्रशासन और शासन स्तर पर केवल वार्ताएं हो रही हैं। अभी तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उत्तराखंड के स्वास्थ्य एवं वन मंत्री सुबोध उनियाल का एक बयान राजनीतिक विवाद का कारण बन गया है। श्रीनगर बेस अस्पताल के निरीक्षण के दौरान पत्रकारों ने उनसे सवाल किया कि क्या वे गुलदार हमलों में मृतकों और पीड़ित परिवारों से मिलने जाएंगे। इस पर मंत्री ने कहा कि यह संभव नहीं है कि वे हर गुलदार हमले में मारे गए व्यक्ति के घर जाएं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में वन विभाग के अधिकारियों विशेष रूप से डीएफओ को निर्देश दिए गए हैं और वे घटनाओं के बाद तत्काल पीड़ित परिवारों तक पहुंच रहे हैं। मंत्री के इस बयान के बाद विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का मौका मिल गया है। आलोचकों का कहना है कि चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि जनता के सुख-दुख में साथ रहने का वादा करते हैं लेकिन सत्ता में आने के बाद इस तरह के बयान जनता की भावनाओं को आहत करते हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि वन्यजीव हमलों जैसी संवेदनशील घटनाओं पर दिया गया यह बयान सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है। वहीं इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि मंत्री का यह बयान आम जनता की भावनाओं के अनुरूप नहीं है और इससे सरकार की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े होते हैं। डॉ. रावत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वन मंत्री सुबोध उनियाल से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की है। रुड़की के झबरेड़ा क्षेत्र के गाँव सढौली की काजल ने एस डी एम बनकर अपने साथ साथ अपने परिवार अपने गाँव का नाम रोशन किया है जिसके बाद उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया l राज्यमंत्री श्यामवीर सैनी ने भी उनके आवास पर पहुँच कर उन्हें बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की l आपको बता दे कि काजल ने पहले ही बी एम एस किया था और फिलहाल सचिवालय में समीक्षा अधिकारी के पद पर तैनात रही और अब जब उनका चयन एस डी एम पद पर हुआ तो उनकी खुशी का ठिकाना नही रहा क्योंकि कड़े परिश्रम के बाद वह इस मुकाम तक पहुंचने में कामयाब रही l +