पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज जारी एक बयान में कहा कि एक हफ़्ते के भीतर पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमतों में दुबारा वृद्धि की गई है। पेट्रोल और डीजल आज मंगलवार से 90 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है। सरकार पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत में वृद्धि के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण बता रही है। लेकिन सचाई यह है कि मध्य प्रदेश की जनता के लिए बाहरी कारणों की तुलना में राज्य सरकार के टैक्स कीमत वृद्धि का सबसे बड़ा कारण है।मध्य प्रदेश में उत्तर प्रदेश की तुलना में पेट्रोल की कीमत औसतन 13 रुपए और डीजल की कीमत 4 रुपए प्रति लीटर अधिक है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश सरकार तत्काल इस टैक्स में कटौती करे ताकि मध्य प्रदेश की जनता को सबसे महँगा डीजल और पेट्रोल नहीं ख़रीद पड़े। मध्य प्रदेश सरकार तत्काल डीजल और पेट्रोल की कीमतों में 10 रुपए प्रति लीटर की कमी करे।टैक्स कम करने से ना सिर्फ़ जनता को फ़ायदा होगा बल्कि सरकार को भी नुकसान नहीं होगा।डीजल महँगा होने की वजह से ट्रक और अन्य भारी वाहन प्रदेश की तुलना में अन्य राज्यों से तेल भरवाना बेहतर समझ रहे हैं। इसके अलावा सीमावर्ती जिला के लोग अन्य प्रदेश से ईंधन ले रहे हैं। इससे मध्य प्रदेश को राजस्व नुकसान हो रहा है