जबलपुर: कृषि उपज मंडी में एक किसान के साथ गाली-गलौज और मारपीट का मामला गरमा गया है। ग्राम खूंद मझौली के किसान पवन पटेल के साथ हुई इस अभद्रता के विरोध में भारतीय किसान संगठन ने मंडी सचिव को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि एक व्यापारी शिव शक्ति मार्केटिंग द्वारा किसान के साथ सरेआम मारपीट की गई जिससे क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश है। भारतीय किसान संगठन के जिला अध्यक्ष रामराज पटेल और अन्य पदाधिकारियों ने मांग की है कि दोषी व्यापारी के विरुद्ध तत्काल FIR दर्ज कर उसका लाइसेंस निरस्त किया जाए। इसके साथ ही मंडी प्रबंधन द्वारा पिछले एक माह में किसानों की पर्चियों में किए गए संशोधनों की जानकारी सार्वजनिक करने और मंडी परिसर में किसानों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की भी मांग उठाई गई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों के सम्मान और सुरक्षा से खिलवाड़ बंद नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे। जबलपुर: विजय नगर थाना क्षेत्र के जीरो डिग्री स्थित एक टाइल्स शोरूम में आज अधिवक्ता और व्यापारी पक्ष के बीच जमकर विवाद और तोड़फोड़ हुई। शोरूम संचालक राजा तिवारी ने आरोप लगाया है कि अधिवक्ता एकांश ढिंगरा अपने साथियों के साथ दुकान पहुंचे और वहां मौजूद कर्मचारियों व उनकी पत्नी के साथ मारपीट कर शोरूम में तोड़फोड़ की। वहीं अधिवक्ता पक्ष का कहना है कि वे केवल बातचीत करने गए थे लेकिन संचालक ने उनके वाहनों में तोड़फोड़ कर विवाद शुरू कर दिया।हंगामा यहीं नहीं रुका जब शोरूम संचालक एफआईआर दर्ज कराने विजय नगर थाने पहुंचे तो वहां भी बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने पहुंचकर जमकर नारेबाजी और बवाल किया। पुलिस को स्थिति नियंत्रण में करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। फिलहाल विजय नगर पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर काउंटर एफआईआर दर्ज कर ली है। माहौल की संवेदनशीलता को देखते हुए शोरूम संचालक ने पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है जबकि पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। जबलपुर: पाटन बायपास स्थित वृद्धि सिटी में शुक्रवार को हर्ष इंदु तिवारी मित्र मंडल द्वारा आयोजित 51 कन्याओं का सामूहिक विवाह समारोह किसी शाही उत्सव से कम नहीं था। इस आयोजन की सबसे खास और हैरान कर देने वाली झलक तब दिखी जब बैंड-बाजों की गूंज और ढोल-नगाड़ों के साथ 51 दूल्हों की बारात एक साथ सड़कों पर निकली। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में बारात और उमड़े जनसैलाब को देखकर राहगीर दंग रह गए और पूरे शहर में यह दृश्य चर्चा का विषय बन गया।बागेश्वर धाम सरकार पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के मार्गदर्शन में संपन्न हुए इस पुण्य कार्य में सामाजिक समरसता की अद्भुत मिसाल देखने को मिली। आयोजकों द्वारा सभी नव-दम्पत्तियों को उपहार स्वरूप गृहस्थी का संपूर्ण सामान और सोने-चांदी के आभूषण भेंट किए गए। बारात के दौरान हुई भव्य आतिशबाजी और हजारों की संख्या में मौजूद बारातियों ने इस विवाह सम्मेलन को जबलपुर के इतिहास का एक यादगार पल बना दिया। जबलपुर: बरगी जलाशय में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद भी प्रशासन और नाविकों की लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है। ग्वारीघाट में सुरक्षा नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहाँ नाविकों द्वारा क्षमता से अधिक यात्रियों को नावों में बिठाकर नर्मदा नदी के इस पार से उस पार ले जाया जा रहा है और सबसे चिंताजनक बात यह है कि किसी भी यात्री के पास लाइफ जैकेट नहीं होती।स्थानीय लोगों का कहना है कि घाट पर न तो पुलिस की कोई रोक-टोक है और न ही प्रशासन की कोई देखरेख। बिना किसी सुरक्षा संसाधनों के बीच मझधार में नावों का संचालन किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रहा है। यदि समय रहते प्रशासन ने इन बेलगाम नाविकों पर शिकंजा नहीं कसा तो बरगी जैसी त्रासदी यहाँ भी दोहराई जा सकती है। शहरवासी अब सवाल उठा रहे हैं कि क्या प्रशासन किसी और बड़ी अनहोनी का इंतज़ार कर रहा है? जबलपुर के बरेला थाना क्षेत्र में पुलिस विभाग की छवि को धक्का पहुंचाने वाली घटना सामने आई है। आरोप है कि बरेला थाने में पदस्थ पुलिसकर्मी पतिराम मरकाम ने शराब के नशे में बीच सड़क हंगामा किया और एक युवक से मारपीट कर दी। बताया जा रहा है कि वह डायल 112 वाहन लेकर सलैया पड़वार गांव पहुंचा था जहां नशे की हालत में उसका व्यवहार आक्रामक हो गया।जानकारी के अनुसार गांव के युवक अमित से किसी बात पर कहासुनी हुई जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई। आरोप है कि पुलिसकर्मी ने वर्दी का रौब दिखाते हुए युवक के साथ खुलेआम मारपीट शुरू कर दी। घटना के दौरान कई ग्रामीण मौके पर मौजूद थे। लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की लेकिन पुलिसकर्मी के उग्र रवैये से कुछ देर तक हालात तनावपूर्ण बने रहे।घटना का वीडियो ग्रामीणों ने बना लिया जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि जब कानून की रक्षा करने वाले ही इस तरह व्यवहार करेंगे तो जनता भरोसा किस पर करेगी। मामला बढ़ने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो और शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। आरोप सही पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।