एक सप्ताह से ट्रांसफार्मर बंद पानी नहीं मिलने से सूख रही फसल कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंप लगाई गुहार प्रदेश की धरती पर असम से पहुंचे नए मेहमान जंगली भैंसा का स्वागत- सीएम डॉ. यादव शराब दुकान में प्रदर्शन कर रही महिलाओं में हिंसा युवक से मारपीट बीच-बचाव करने गए पूर्व सांसद से भी झूमाझपटी लालबर्रा क्षेत्र के ग्राम कनकी के करीब आधा दर्जन किसानों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर कृषि के लिए बिजली सप्लाय करने वाला ट्रांसफार्मर जल जाने पर नया ट्रांसफर नहीं लगाए जाने से नाराजगी व्यक्त करते हुए शीघ्र बिजली आपूर्ति प्रारंभ करने क मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। इस दौरान किसानों ने कहा कि करीब एक सप्ताह से विद्युत आपूर्ति ठप्प पड़ी है। इससे इस भीषण गर्मी व चिलचिलाती धूप में फसलों को पानी नहीं मिलने से फसल सूखने लगी है। उन्होंने बताया कि ट्रांसफार्मर २५ केव्ही का लगा है जिससे लोड अधिक होने पर बार-बार जल जाता है। कृषकों ने कलेक्टर से गुहार लगाई है कि विद्युत वितरण कंपनी संभाग-२ के सहायक अभियंता को ६३ केव्ही का ट्रांसफार्मर शीघ्र लगाकर सिंचाई के लिए बिजली सप्लाय प्रारंभ करने आदेशित किया जाए। उन्होंने कहा कि करीब ३० एकड़ में लगी फसल पानी नहीं मिलने से पूरी तरह नष्ट हो जाएगी। जिससे किसान आत्महत्या करने मजबूर होगा। मध्यप्रदेश में वन्यजीव संरक्षण के इतिहास में २८ अप्रैल मंगलवार का दिन एक स्वर्णिम अध्याय में जुड़ गया है। आज प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कान्हा टाइगर रिज़र्व के सूपखार रेंज में जंगली जल भैंस (एशियाई वाइल्ड बफैलो) के पुर्नस्थापन कार्यक्रम का शुभारंभ किया। करीब १५० वर्षों बाद इस विलुप्तप्राय: प्रजाति की वापसी से क्षेत्र में उत्साह और गौरव का माहौल है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से लाए गए ४ जंगली भैंसों में ३ मादा १ नर) को विशेष बाड़े में सॉफ्ट रिलीज किया। यह कदम मध्यप्रदेश और असम के बीच समन्वय और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि यह महज एक पुर्नस्थापन नहीं बल्कि प्रकृति के संतुलन को पुनर्जीवित करने का प्रयास है। लंबे समय से विलुप्त जंगली भैंसा अब अपने ऐतिहासिक आवास में लौट रहा है जो प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। शहर मुख्यालय में स्थित शराब दुकानों का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मोतीनगर वार्ड नंबर २५ की दुकान का विरोध थमा तो बूढ़ी क्षेत्र की शराब दुकान में महिलाओं द्वारा दुकान हटाने किए जाने आंदोलन ने विवाद का रूप ले लिया है। २७ अप्रैल की रात करीब १० बजे शराब दुकान के सामने करीब दो सप्ताह से प्रदर्शन कर रही महिलाओं व ठेकेदार पक्ष के बीच कहासुनी हो गई। ये विवाद इतना बढ़ गया है कि मारपीट में एक युवक घायल हो गया। बीच-बचाव करने आए पूर्व सांसद कंकर मुंजारे से भी झूमाझपटी होने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामला संज्ञान में लेकर जांच शुरू कर दी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। केश शिल्पी सेन नाई समाज जिला बालाघाट के तत्वाधान में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी नंदा सेन जी महाराज की 726 वीं जयंती महोत्सव 28 अप्रैल को शहर के पॉलीटेकनिक कॉलेज समीप छत्रपति शिवाजी सामुदायिक कुनबी भवन में हर्षोल्लास से आस्थापूर्वक मनाई गई। इस अवसरर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सुबह सेन चौक में स्थित नंदा सेन महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पूजा अर्चना की गई। तत्पश्चात कार्यक्रम स्थल कुनबी भवन में मंचीय कार्यक्रम व युवक-युवती परिचय सम्मेलन एवं समाज के प्रतिभावान बच्चों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नपाध्यक्ष श्रीमती भारती सुरजीत ठाकुर सहित केश शिल्पी सेन नाई समाज के पदाधिकारी शामिल रहे। इस संबंध में संगठन के जिलाध्यक्ष रवि नागपुरकर व महिला संगठन अध्यक्ष श्रीमती दामिनी गोंडाने ने बताया कि सेन समाज के आराध्य संत शिरोमणि नंदा सेन जी महाराज की 726 वीं जयंती 14 अप्रैल को मनाई जाती है। 14 अप्रैल को सादगीपूर्ण जयंती मनाई गई और 28 अप्रैल को जिला स्तरीय सामूहिक रूप से जयंती समारोह का आयोजन किया गया। इसमें संगठन के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी व स्वजातीयजन उपस्थित रहे। जिले में परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा और यात्री वाहनों के नियमानुसार संचालन सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत रजेगांव चेक पोस्ट पर सोमवार 28 अप्रैल को आकस्मिक जांच की गई। इस दौरान मातोश्री ट्रेवल्स की दो बसें नियमों का उल्लंघन करते हुए संचालित पाई गईं जिन पर कुल 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया चेक पॉइंट पर तैनात भाग्य श्री राजवे ने बताया कि जांच के दौरान संबंधित बसें बिना परमिट और बिना पंजीयन के संचालित हो रही थीं। इसके साथ ही वाहनों में सड़क सुरक्षा मानकों का भी उल्लंघन पाया गया जो यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। ऐसे मामलों में न केवल जुर्माना लगाया जाता है बल्कि आवश्यकता पड़ने पर वाहन जब्ती और अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जाती है।