पेयजल संकट गहराया दूषित पानी पीने को मजबूर ग्रामीण कचरा संग्रहण के नाम पर कर वसूली करने के निर्णय का पूर्व नपाध्यक्ष ने किया विरोध पानी संकट के बीच वर्कशॉप में खड़े टैंकर पंचायतों की लापरवाही उजागर जिले के बैहर विकास खंड के ग्राम बैगा टोला में भीषण पेयजल संकट ने आदिवासी परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गांव के हैंडपंप खराब पड़े हैं जिसके चलते ग्रामीणों को करीब एक किलोमीटर दूर नदी से पानी लाना पड़ रहा है। हालात इतने खराब हैं कि लोग नदी में झिरिया बनाकर दूषित पानी इकट्ठा कर पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि हर घर नल-जल योजना का काम 2021 से अधूरा पड़ा है और कई बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। दूषित पानी के कारण बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। गर्मी में स्थिति गंभीर और बरसात में और बदतर हो जाती है। अब प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। इन दिनों आवश्यक वस्तुओं के दामों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है जिससे आम गरीब मजदूरों को जीवन यापन करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर नगरपालिका प्रशासन द्वारा संपत्ति कर जलकर सहित अन्य करों में वृद्धि कर आमजनों की जेब पर और भार डाला जा रहा है। नगरपालिका द्वारा कचरा संग्रहण कर लगाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसमें घरों से कचरा लेने पर ५० रूपये व प्रतिष्ठानों से कचरा संग्रहण का १०० रूपये कर वसूलने की तैयारी में है। जिसकी जानकारी लगने पर कचरा वाहन घर-घर पहुंचकर कचरा संग्रहण का टैक्स वसूले जाने का विरोध होने लगा है। बुधवार को पूर्व नपा उपाध्यक्ष अनिल सोनी ने मुख्य नपा अधिकारी को ज्ञापन देकर कचरा संग्रहण का टैक्स लिए जाने पर आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे लागू नहीं किए जाने की मांग की है। जिले में भीषण गर्मी के चलते जल संकट गहराता जा रहा है। गिरते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने जिले को जल अभावग्रस्त घोषित कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां लोग पानी के लिए परेशान हैं और शादी-ब्याह जैसे आयोजनों में भी पानी की भारी कमी महसूस की जा रही है वहीं पंचायतों की लापरवाही सामने आई है। लालबर्रा से महज 4 किलोमीटर दूर गणेशपुर स्थित वर्कशॉप में कई सरकारी पानी टैंकर बेकार खड़े हैं। जानकारी के अनुसार ये टैंकर मरम्मत के लिए लाए गए थे लेकिन पंचायतों द्वारा भुगतान नहीं किए जाने के कारण वापस नहीं ले जाए जा रहे हैं। कुछ टैंकर स्पेयर पार्ट्स के अभाव में अधूरे पड़े हैं जिससे जल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। जिला पंचायत अध्यक्ष सम्राट सरस्वार ने मंगलवार 7 अप्रैल को लालबर्रा विकासखंड के विभिन्न शासकीय कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एनआरएलएम महिला बाल विकास परियोजना कार्यालय पशु चिकित्सालय और विद्युत विभाग के अमोली व लालबर्रा स्थित दफ्तरों का जायजा लिया। निरीक्षण में कई विभागों की व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं पाई गईं। विद्युत विभाग में ट्रांसफार्मर की कमी और किसानों से कनेक्शन के नाम पर नियम विरुद्ध अधिक राशि वसूले जाने की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया। अध्यक्ष ने मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं महिला बाल विकास और एनआरएलएम कार्यालयों के पास स्वयं का भवन न होने से किराए के कमरों में काम चल रहा है जिससे सामग्री के रखरखाव में परेशानी हो रही है। शहर से सटे आवलाझरी पेट्रोल पम्प के पास झाडिय़ों में मिले एक वन्य प्राणी के शव को लेकर अफवाह फैल गई कि यह बाघ के शावक का शव है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही मौके पर भीड़ जुट गई और दहशत का माहौल बन गया सूचना मिलते ही 112 पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जांच में सामने आया कि यह बाघ नहीं बल्कि जंगली बिल्ली का शव है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि के ऐसी जानकारी शेयर न करें ताकि अफवाह और डर का माहौल न बने। मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया का मंगलवार 8 अप्रैल की रात्रि लालबर्रा में प्रथम आगमन हुआ। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार लालबर्रा पहुंचे घनघोरिया का स्थानीय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने गर्मजोशी के साथ भव्य स्वागत किया। वे बालाघाट से होते हुए रात्रि करीब 10:30 बजे लालबर्रा पहुंचे जहाँ उनके स्वागत के लिए भारी संख्या में युवा कार्यकर्ता एकत्रित हुए थे स्थानीय विश्राम गृह में आयोजित स्वागत कार्यक्रम युवा कांग्रेस लालबर्रा ब्लॉक अध्यक्ष अंकित पिपलोद के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पुष्पमाला पहनाकर और नारेबाजी के साथ अपने नेता का अभिनंदन किया। लालबर्रा में संक्षिप्त प्रवास और कार्यकर्ताओं से भेंट करने के बाद श्री घनघोरिया सिवनी की ओर प्रस्थान कर गए। अध्यापकों ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन किए गए। बुधवार 8 अप्रैल को जिले में बड़ी संख्या में शिक्षक मुलना स्टेडियम के सामने एकत्रित हुए और धरना दिया। इसके बाद रैली निकालकर आम्बेडकर चौक कालीपुतली चौक और जयस्तंभ चौक होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। शिक्षकों की मुख्य मांग टीईटी परीक्षा निरस्त करने और सेवा अवधि की गणना पहली नियुक्ति तिथि से करने की है। चेतावनी दी गई कि मांगें नहीं मानी गईं तो 11 अप्रैल को ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन और 18 अप्रैल को भोपाल में प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।