मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जबलपुर दौरा कृषि मंथन 2026 सहित कई कार्यक्रम में हुए शामिल जबलपुर प्रवास पर पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित ‘कृषि मंथन 2026’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने 13 करोड़ रुपये की लागत से बने अत्याधुनिक प्रशासनिक भवन का लोकार्पण किया जिसे भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी प्रशासनिक भवन नाम दिया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश को कई महत्वपूर्ण कृषि सौगातें भी दीं जिनमें बोहानी में गन्ना अनुसंधान केंद्र बालाघाट में कौशल विकास केंद्र और जबलपुर में स्वचालित तरल जैव उर्वरक उत्पादन केंद्र शामिल हैं।कार्यक्रम में ‘कृषक कल्याण वर्ष 2026’ के रोडमैप पर राज्य स्तरीय विचार मंथन हुआ जिसमें कृषि को आधुनिक बनाने और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया। साथ ही प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 1000 कृषि सखियों के प्रशिक्षण का शुभारंभ भी किया गया।इस मौके पर केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल मंत्री राकेश सिंह सांसद आशीष दुबे सांसद सुमित्रा वाल्मीक सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। शहर में जगह-जगह कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया और स्वागत मंच भी लगाए गए। जबलपुर के गयासुद्दीन कुरैशी की संदिग्ध मौत के मामले में एक साल बाद बुधवार को उनका शव कब्र से निकाला गया। मार्च 2025 में एक सड़क हादसे के बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी जिसे परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम के दफना दिया था। मृतक के भाई कसीमुद्दीन कुरैशी ने हत्या की आशंका जताते हुए जनवरी 2026 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस एके सिंह की डिवीजन बेंच ने सख्त रुख अपनाते हुए बुधवार दोपहर 1 बजे तक शव निकालकर उसी दिन पोस्टमार्टम करने के निर्देश दिए।प्रशासन ने एसडीएम अधारताल की मौजूदगी में यह कार्रवाई पूरी की और शव को नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सच्चाई सामने लाने के लिए यह प्रक्रिया अनिवार्य है और इसमें किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही याचिकाकर्ता को प्रक्रिया में सहयोग न करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही इस मामले की अगली दिशा तय होगी। जबलपुर: शहर के खितौला क्षेत्र में एक शातिर चोर और पुलिस के बीच किसी फिल्मी सीन जैसा रोमांचक घटनाक्रम देखने को मिला। रीवा-इतवारी ट्रेन के एसी कोच में चोरी का प्रयास करते समय आरपीएफ की नजर में आए आरोपी ने सिहोरा स्टेशन के पास चलती ट्रेन से छलांग लगा दी। पुलिस से बचने के लिए आरोपी पास ही स्थित एक गहरे और काई से भरे तालाब में कूद गया।हैरानी की बात यह रही कि खुद को पुलिस की नजरों से छिपाए रखने के लिए आरोपी ने कमल की डंठल का सहारा लिया और उसी के जरिए सांस लेते हुए करीब 5 घंटे तक पानी के भीतर दुबका रहा। रात के अंधेरे और घनी काई के कारण पुलिस को उसे खोजने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। आखिरकार आरपीएफ और स्थानीय पुलिस ने गोताखोरों की मदद ली जिसके बाद आरोपी को पानी से बाहर निकालकर दबोचा जा सका। पुलिस की सतर्कता और चोर की इस अनोखी कोशिश की चर्चा अब पूरे क्षेत्र में हो रही है। संस्कारधानी के घमापुर थाना क्षेत्र में एक 25 वर्षीय तलाकशुदा महिला के साथ शारीरिक शोषण का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। पीड़िता ने क्षेत्र के ही एक रसूखदार व्यक्ति ललित कुंदनानी के खिलाफ लंबे समय तक डरा-धमकाकर दुष्कर्म करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर मामले की सघन जांच शुरू कर दी है।पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि वह आर्थिक तंगी के कारण आरोपी ललित की दुकान में काम करती थी। इसी दौरान आरोपी ने उसकी विवशता और नौकरी का फायदा उठाते हुए उसे अपने झांसे में लिया और कई बार उसके साथ गलत काम किया। विरोध करने पर आरोपी उसे बदनाम करने और नौकरी से निकालने की धमकी देकर चुप करा देता था