बहुचर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अमित जोगी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन्हें धारा 302 और 120-बी के तहत दोषी माना गया है और 1000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने फैसले का सम्मान करते हुए कहा “निर्णय देर से आया लेकिन दुरुस्त आया।” वहीं पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि यह न्यायालय का निर्णय है और आरोपी को ऊपरी अदालत में अपील का अधिकार है। भारतीय जनता पार्टी आज अपना 47वां स्थापना दिवस मना रही है। इस अवसर पर प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। राजधानी रायपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ध्वजारोहण कर कार्यकर्ताओं को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अटल बिहारी वाजपेयी को नमन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ उनके आशीर्वाद से लगातार विकास की ओर अग्रसर हो और उनके सपनों को पूरा करे। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को स्थापना दिवस की बधाई दी। पश्चिम बंगाल की चुनाव को लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ भारी जन आक्रोश है और भाजपा की रैलियों में उमड़ रही भीड़ इसका प्रमाण है।मुख्यमंत्री साय ने आरोप लगाया कि केंद्र की जनकल्याणकारी योजनाएं राज्य में सही तरीके से लागू नहीं की गईं जिससे गरीबों को नुकसान हुआ है। उन्होंने दावा किया कि इस बार पश्चिम बंगाल में परिवर्तन की लहर है और 4 मई के बाद वहां भाजपा की सरकार बनेगी। गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर ब्लॉक के ग्राम बासिन में मुख्य सड़क किनारे संचालित शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जिला आबकारी विभाग को फिर से आवेदन सौंपा है।ग्रामीणों का कहना है कि मेन रोड किनारे संचालित कम्पोजिट अंग्रेजी व देशी शराब दुकान के कारण यहां हमेशा भीड़ और अव्यवस्था बनी रहती है जिससे राहगीरों को परेशानी होती है। खासकर महिलाओं और स्कूली बच्चों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।ग्रामीणों ने बताया कि भीड़ और लापरवाही के चलते कई हादसे हो चुके हैं जिनमें एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है। आरोप है कि कई बार आवेदन देने के बावजूद आबकारी विभाग केवल आश्वासन देता रहा है लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।उन्होंने यह भी बताया कि पहले दुकान को सड़क से 400 मीटर दूर शिफ्ट करने की बात कही गई थी लेकिन अब तक इस पर अमल नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दुकान नहीं हटाई गई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।